“जनता का आशीर्वाद, विकास का संकल्प—हिमाचल के नए अध्याय की शुरुआत”
Mandi/SCB VIJay Samyal :मंडी के पड्डल मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तीन वर्ष के कार्यकाल पर सरकार की उपलब्धियों के साथ भविष्य का स्पष्ट रोडमैप पेश किया। उनका संबोधन केवल एक भाषण नहीं, बल्कि जनता के प्रति आभार, संघर्ष और संकल्प का सामूहिक संदेश था। सुक्खू ने मंच से दो टूक कहा—“जनता के आशीर्वाद से मैं दो साल में हिमाचल की तस्वीर बदल दूंगा। यह लड़ाई गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के अधिकारों की है। भ्रष्टाचार करने वाले सलाखों के पीछे होंगे।”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता के धन की खुली लूट हुई। 4,500 बीघा जमीन मात्र 1.32 करोड़ में उद्योगपतियों को सौंपना प्रदेश के संसाधनों से खुली बेइमानी है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक नुकसान मंडी, विशेषतः पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के क्षेत्र में हुआ, और राहत भी कांग्रेस सरकार ने वहीं सबसे ज्यादा पहुंचाई। उन्होंने सभा में साफ कहा—“नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले नेता स्वयं भ्रष्टाचार के जाल में जकड़े बैठे हैं।”
“राजनीति नहीं—जनसेवा मेरा ध्येय”
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन में विनम्र स्वर में कहा कि वह आम परिवार से उठकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा में कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और जनता के विश्वास ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा—“जब जनता हमारे साथ है, मैं दावा करता हूं कि 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर होगा और 2032 में देश के सबसे समृद्ध राज्यों की पंक्ति में खड़ा होगा।”
उन्होंने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि शिमला में उनके खिलाफ सोशल मीडिया प्रचार के लिए 20 लोगों की टीम बैठाई गई है। वहीं, भाजपा सरकार की देन 75 हजार करोड़ का कर्ज है, जिसे चुकाने के लिए आज की सरकार को भारी आर्थिक चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है।
वो फैसले, जो इतिहास लिखेंगे”मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंच से अपनी सरकार द्वारा किए गए ऐतिहासिक फैसलों को विस्तार से बताया।
1 पहली कैबिनेट में ओपीएस बहाल किया, जबकि यह 2027 में देकर भी राजनीतिक लाभ लिया जा सकता था।
2 3,000 पेंशन को 30,000 तक पहुंचाया, जिसके बाद केंद्र ने 1,600 करोड़ रुपये बंद कर दिए।
3 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी अधिकार—यह कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि मानवता का निर्णय था।
4 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं में नियम बदलकर पीड़ितों को राहत दी।
उन्होंने कटाक्ष भरे अंदाज में कहा—“भाजपा के समय ऑल्टो का मज़ाक उड़ाया गया। 2027 में ऑल्टो नहीं, 52 सीटों की वोल्वो में जनता के आशीर्वाद से विधानसभा में आएंगे!”
“गारंटियां—पूरी, आंशिक नहीं”
मुख्यमंत्री ने मंच से गारंटियों की सूची पढ़ते हुए कहा—
1 ओपीएस—पहली गारंटी पूरी।
2 दूध खरीद—10 नहीं, 20 लीटर प्रति परिवार खरीदकर दूसरी पूरी।
3 गोबर खरीद—3 रुपये प्रति किलो।
4 यूनिवर्सल कार्टन—बागवानों से किया वादा निभाया।
5 ई-टैक्सी और स्टार्टअप योजना—680 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ पांचवीं गारंटी पूर्ण।
6 अंग्रेजी माध्यम स्कूल—लाखों बच्चों का भविष्य संवारने की दिशा में बड़ी पहल।
उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दो वर्षों में बाकी गारंटियां भी पूरी होंगी।
“भगवान का आशीर्वाद बनाम अहंकार की राजनीति”
सुक्खू ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के चुने हुए विधायकों को भाजपा ने खरीदने की कोशिश की। जयराम ठाकुर द्वारा राज्यपाल के पास जाकर सरकार गिराने की बात को उन्होंने “अहंकार की पराकाष्ठा” बताया। भावुक शब्दों में उन्होंने कहा—“जयराम ठाकुर कहते थे कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकते। देखिए, भगवान का आशीर्वाद और जनता का निर्णय—छह में से चार सीटें कांग्रेस जीतकर लाई और संख्या 40 हुई।”

