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देश में 645 पटवारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज, हमीरपुर भर्ती आयोग पर सियासी टकराव, ठियोग में होटल निर्माण विवाद से सदन में गरमाहट

RamParkash Vats
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धर्मशाला 03/12/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल

शीतकालीन सत्र के बुधवार के प्रश्नकाल में राजस्व विभाग से जुड़ा मुद्दा सदन की सबसे प्रमुख चर्चा रहा। विश्वसनीय स्त्रोतों के अनुसार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में पटवारियों के 628 से अधिक पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिसके कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने नियुक्तियां नहीं कीं, जिसके चलते आज भारी स्टाफ की कमी महसूस की जा रही है।

भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री नेगी ने सूचित किया कि मंत्रिमंडल पहले ही 645 पटवारी पदों को भरने की मंजूरी दे चुका है और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने हेतु प्रस्ताव चयन आयोग को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने राजस्व विभाग में कई संरचनात्मक सुधार किए हैं—भूमि राजस्व अधिनियम में संशोधन, वार्डबंदी की समय-सीमा तय करना, तथा राजस्व अदालतों की स्थापना इनमें मुख्य हैं। नेगी ने कहा कि बंदोबस्त कार्य में तेजी लाने के लिए मॉडर्न टूल्स और रोबोटिक तकनीक उपयोग में लाई जाएगी।मंत्री ने यह भी आग्रह किया कि यदि किसी क्षेत्र में भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं तो विधायकों व जनता को जानकारी खुलकर उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

हमीरपुर भर्ती आयोग—‘भ्रष्टाचार का अड्डा’ : मुख्यमंत्री का आरोप

विश्वसनीय विधायी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि हमीरपुर भर्ती आयोग पूर्व भाजपा सरकार के समय भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया था और सरकार बदलने के बाद ही उसकी जांच गति पकड़ सकी। उन्होंने कहा कि आयोग को भंग कर लोक सेवा आयोग के माध्यम से क्लास-III पदों की भर्ती करवाई गई।भाजपा विधायक जनकराज ने आरोप लगाया कि उन्होंने आयोग से संबंधित सवाल पिछले सत्र में भी लगाया था, परंतु सरकार जानकारी उपलब्ध नहीं करवा सकी। इस पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि दो वर्ष से जवाब न मिलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।

ठियोग में होटल–रिज़ॉर्ट निर्माण पर सवाल

कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने धारा 118 से जुड़े मामलों को उठाते हुए कहा कि ठियोग क्षेत्र में होटल व रिज़ॉर्ट प्रोजेक्ट तेजी से फैल रहे हैं, जिससे गांवों की सड़कों पर कब्जा, प्राकृतिक जल स्रोतों का दूषित होना, स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलना जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। स्त्रोतों के मुताबिक, उन्होंने सदन को बताया कि आवाज उठाने पर कुछ प्रोजेक्ट संचालक बाउंसर तक बुला रहे हैं, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के हालात बिगड़ रहे हैं।जवाब में मंत्री नेगी ने कहा कि धारा 118 के तहत ठियोग में अब तक 16 स्वीकृतियां जारी की गई हैं। यदि किसी गांव का रास्ता रोका जा रहा है तो पंचायतों को कार्रवाई की शक्ति प्रदान की गई है।

*ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर बिजली बोर्ड देता है पाँच लाख रुपये

इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से होती है। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर पाँच लाख रुपये की राहत राशि का प्रावधान है। कर्मी ईएसआई स्कीम के तहत बीमित होते हैं और सभी लाभ प्राप्त करते हैं।

न अधिकार अधिनियम—पटवारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित

न अधिकारों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 भूमि वितरित करने का कानून नहीं, बल्कि वनवासी जनजातियों के अधिकारों की मान्यता सुनिश्चित करने का प्रावधान है। स्त्रोतों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के लिए पटवारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, साथ ही ग्राम सभाओं को भी अधिकार दिए गए हैं कि वे मामलों की पुष्टि कर सकेंयह पूरा सत्र राजस्व और भर्ती मामलों पर केंद्रित रहा, जहाँ सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच, ठोस नीतिगत घोषणाएँ भी दर्ज हुईं।

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