न्यूज़ इंडिया आजतक।14/11/2025/राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियाँ तेज़ हो चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया है कि प्रदेश की 3,577 ग्राम पंचायतों में से 3,548 पंचायतों की मतदाता सूची तैयार कर ली गई है। अधिकांश कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 29 पंचायतों की सूची 1 दिसंबर तक अंतिम रूप से जारी कर दी जाएगी। आयोग के अनुसार, इस बार मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी आधार पर सम्पन्न हुई है, ताकि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से न छूटे।
अब तक प्रदेश में कुल 55 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें लगभग समान संख्या में पुरुष और महिलाएँ शामिल हैं। स्थानीय निकायों के लिए भी नामांकन कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। 70 शहरी स्थानीय निकायों की मतदाता सूची भी तैयार कर निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर दिया गया, जहाँ पिछले वर्षों में नाम छूटने की शिकायतें अधिक आई थीं। इसके लिए सभी पंचायत सचिवों और निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे घर–घर सत्यापन के दौरान वरिष्ठ नागरिकों, नए मतदाताओं और प्रवासियों के नाम अवश्य सुनिश्चित करें।
मतदाता सूची में नाम नहीं है? ऐसे करें दर्ज
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूट गया है, तो उसे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। आयोग ने इसके लिए सरल प्रक्रिया निर्धारित की है।सबसे पहले नागरिक अपने गांव या वार्ड की अस्थायी सूची पंचायत भवन, उपायुक्त कार्यालय या शहरी निकाय कार्यालय में जाकर देख सकते हैं। इसके अलावा राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के साथ-साथ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी अपना नाम आसानी से खोजा जा सकता है।
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं मिलता, तो वह नाम दर्ज करने का आवेदन कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह आवेदन सम्बन्धित उपायुक्त कार्यालय या जिला निर्वाचन अधिकारी के यहां जमा किया जाता है। इसके लिए मात्र 2 रुपये का शुल्क तय किया गया है। वहीं शहरी निकाय क्षेत्रों—जैसे नगर पंचायत, नगर परिषद या नगर निगम—में आवेदन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में किया जा सकता है, जिसमें 50 रुपये शुल्क निर्धारित है।
चुनाव घोषणा से पहले तक उपलब्ध रहेगा अवसर
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की सुविधा चुनाव कार्यक्रम घोषित होने तक उपलब्ध है। इसलिए आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नाम की पुष्टि करें और यदि नाम छूट गया है, तो तुरंत आवेदन जमा कराएं।राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है। पंचायत स्तर पर अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो। आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे आम जन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाएँ।
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