नई दिल्ली, 1 नवंबर 2025/संपादन न्यूज़ इंडिया आजतक डाट काम संपादक राम प्रकाश वत्स
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज “प्रभावी सरकारी संचार” विषय पर आयोजित विचार-विमर्श सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विज्ञान संचार को आम जनता तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए कहानी कहने की शैली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को जब जनसामान्य की भाषा में उदाहरणों और कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

सत्र में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा संचार विशेषज्ञों ने भाग लिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने मंत्रालयों के अधीन सभी वैज्ञानिक संस्थानों को निर्देश दिया कि वे अपनी दो सफल कहानियाँ साझा करें, जिससे जनता को यह समझाया जा सके कि वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार समाज के जीवन में कैसे सुधार ला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी संचार केवल सूचना प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों के बीच विश्वास निर्माण और सहभागिता को प्रोत्साहित करने का भी साधन है। मंत्री ने सभी विभागों से “समग्र सरकारी दृष्टिकोण” अपनाने का आग्रह किया ताकि सभी मंत्रालयों का संदेश सरकार के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप हो।

सत्र में मीडिया विशेषज्ञों ने डिजिटल और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। न्यू मीडिया विंग के महानिदेशक बी. नारायणन ने कहा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ने नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाया है, वहीं MyGov के सीईओ नंद कुमारम ने बताया कि यह मंच सरकार और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन गया है।विचार-विमर्श के अंत में यह संकल्प लिया गया कि सरकारी संचार को अधिक पारदर्शी, सुसंगत और प्रभावशाली बनाया जाएगा, जिससे नीति और जनता के बीच की दूरी घटे और शासन में सहभागिता बढ़े।

