शिमला, 24/09/2025/ राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लंदन स्थित हाउस ऑफ लॉर्ड्स को संबोधित कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। दावा किया गया है कि वह ऐसा करने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। यह अवसर उन्हें इंडो-यूरोपियन बिजनेस फोरम (IEBF) द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में मिला। इस मंच पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश को निवेश और सतत विकास का आदर्श मॉडल बताते हुए वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में आने का निमंत्रण दिया।
आत्मनिर्भर हिमाचल का विज़न
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल पर्यटन का केंद्र नहीं है, बल्कि “व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल” के संकल्प के साथ एक सशक्त आर्थिक राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने इस नारे को केवल राजनीतिक घोषणा नहीं बल्कि एक व्यावहारिक दृष्टिकोण बताया, जिसे प्रदेशवासी और सरकार मिलकर साकार कर रहे हैं।
निवेश के प्रमुख क्षेत्र
सुक्खू ने यूरोपीय निवेशकों को स्वच्छ और हरित ऊर्जा, पर्यटन, बागवानी, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण और स्वास्थ्य सेवाओं में अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया। उन्होंने जोर दिया कि हिमाचल पहले से ही जलविद्युत उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी है। ऐसे में यूरोपीय विशेषज्ञता और हिमाचली संसाधनों का मेल नई साझेदारी और मील के पत्थर स्थापित कर सकता है।
कृषि और वैश्विक बाजार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सेब उद्योग को वैश्विक ब्रांड के रूप में रेखांकित किया। इसके साथ ही सब्जियों, फूलों और उच्च मूल्य वाली फसलों के निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती और डेयरी विकास की अभिनव नीतियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
सामाजिक और शैक्षिक उपलब्धियां
अपने संबोधन में उन्होंने राज्य की शत-प्रतिशत साक्षरता दर का उल्लेख करते हुए इसे सामाजिक विकास का आधार बताया। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य और सतत जीवनशैली में निवेश को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
वैश्विक सहयोग का संदेश
सुक्खू ने यूरोपीय निवेशकों, उद्यमियों और नवोन्मेषकों को हिमाचल आने का निमंत्रण दिया और आश्वस्त किया कि यहां उन्हें न केवल व्यावसायिक अवसर मिलेंगे बल्कि विश्वास, स्थिरता और साझा मूल्यों पर आधारित साझेदारियां भी विकसित होंगी।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को उनके दूरदर्शी और परिवर्तनकारी नेतृत्व के लिए इंडो-यूरोपियन बिजनेस फोरम ने लीडरशिप एंड गवर्नेंस अवार्ड से सम्मानित किया। यह हिमाचल के लिए वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ।
राजनीतिक मतभेद
हालांकि, इस दावे पर राजनीतिक विवाद भी उठा। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने इसे “झूठा प्रचार” बताते हुए सरकार की आलोचना की और प्रेस नोट साझा कर कहा कि यह तथ्यों से परे है। इसके बावजूद सुक्खू का यह संबोधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल की छवि को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
यह संबोधन केवल एक औपचारिक भाषण नहीं था, बल्कि हिमाचल प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास भी था।

