Reading: पंजाब से संबंधित 12 विस्तृत समाचार रात्रि 21:00 बजे तक

पंजाब से संबंधित 12 विस्तृत समाचार रात्रि 21:00 बजे तक

RamParkash Vats
5 Min Read

1. कक्षा 11 में उद्यमशीलता अब मुख्य विषय

2025–26 शैक्षणिक सत्र से पंजाब कक्षा 11 में उद्यमशीलता (entrepreneurship) को मुख्य विषय के रूप में शामिल कर रहा है, जिससे छात्र नौकरी खोजने के बजाय नौकरी बनाने की सोच विकसित करें। इस पाठ्यक्रम में टीम वर्क, व्यावहारिक परियोजनाएं, बीज-वित्त, प्रोटोटाइप, और आत्म-मूल्यांकन आधारित मूल्यांकन शामिल होगा ।

Contents
1. कक्षा 11 में उद्यमशीलता अब मुख्य विषय2. बाढ़ राहत कार्य जारी—45000 पानी की बोतलें, 17000 भोजन पैकेट वितरित3. मंत्रियों की बाढ़ निरीक्षण के दौरान असंवेदनशील टिप्पणी—सोशल मीडिया में ग़ुस्सा4. अकाल तख्त जत्थेदार ने जनसमर्थन की अपील की5. विपक्ष नेता ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र—केंद्र से तत्काल राहत की माँग6. मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए विशेष समिति का गठन किया7. बारिश में थोड़ी राहत लेकिन बाढ़ का संकट बना हुआ8. विपत्तिजनक बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज 27–30 अगस्त बंद9. अंतरराष्ट्रीय सीमा पार तनाव के बीच बार-बार विस्थापन10. केंद्रीय समाचार: पाकिस्तान पंजाब में सबसे विनाशक बाढ़11. अंतर्राष्ट्रीय संकट: सीमावर्ती समुदाय संघर्ष और बाढ़ दोनों से त्रस्त12. शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण का नया आयाम

2. बाढ़ राहत कार्य जारी—45000 पानी की बोतलें, 17000 भोजन पैकेट वितरित

पूरे राज्य में मंत्री, विधायक और प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। अमृतसर में 45,000 पानी की बोतलें और 17,000 भोजन पैकेट्स वितरित किए गए। राहत शिविरों में 3,000 लोगों को आश्रय मिला, और पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं ।

3. मंत्रियों की बाढ़ निरीक्षण के दौरान असंवेदनशील टिप्पणी—सोशल मीडिया में ग़ुस्सा

एक बाढ़ निरीक्षण के दौरान तीन मंत्री स्वीडन और गोवा क्रूज़ की बातें कर रहे थे, जिससे सोशल मीडिया पर जनता का ग़ुस्सा उबल पड़ा और उनकी संवेदनहीनता की आलोचना की गई—”पंजाबियों को माफ़ नहीं करेंगे” जैसे शब्द वायरल हुए ।

4. अकाल तख्त जत्थेदार ने जनसमर्थन की अपील की

जल-बाढ़ पीड़ितों के लिए जत्थेदार ने सभी सिख संगठनों और समुदाय से खाद्य, आश्रय और पशु चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही बाढ़ के स्रोतों की जांच एवं भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने की भी मांग की गई ।

5. विपक्ष नेता ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र—केंद्र से तत्काल राहत की माँग

विपक्ष नेता प्रताप सिंह बाजवा ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा कि हाल की बाढ़ ने 23 लोगों की जान ले ली है और 1,018 गाँव प्रभावित हुए हैं। तीन लाख से अधिक बीघा कृषि भूमि डूब चुकी है। उन्होंने केंद्र से विशेष राहत पैकेज, मुआवजा और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना की मांग की है ।

6. मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए विशेष समिति का गठन किया

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीन विभागों (राजस्व, जल संसाधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) से एक समिति बनाई है, जो रोज़ाना राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेगी। इंडियन आर्मी और NDRF की टीमें विभिन्न जिलों में सक्रिय हैं, और जल निकासी, स्वास्थ्य, साफ़-सफ़ाई, और आपूर्ति कार्य लगातार जारी हैं ।

7. बारिश में थोड़ी राहत लेकिन बाढ़ का संकट बना हुआ

27 और 28 अगस्त को बारिश में कुछ कमी (पंजाब में सामान्य से 30% कम) हुई, लेकिन पूरे अगस्त माह में 62% अधिक बारिश दर्ज की गई है। IMD ने अगले कुछ दिनों में पंजाब में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है ।

8. विपत्तिजनक बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज 27–30 अगस्त बंद

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारी बारिश और संभावित बाढ़ की बाबत सभी स्कूल-कॉलेज 27 अगस्त से 30 अगस्त तक बंद रखने का निर्णय लिया, ताकि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके ।

9. अंतरराष्ट्रीय सीमा पार तनाव के बीच बार-बार विस्थापन

राजनीतिक संघर्ष से पहले विस्थापित हुए पाकिस्तान के कसूर जिले के लोग अब बाढ़ के चलते फिर से विस्थापित हो रहे हैं। इसने सीमा-क्षेत्र की उनकी जीवन-शैली और रक्षा की स्थिरता दोनों पर भारी असर डाला है ।

10. केंद्रीय समाचार: पाकिस्तान पंजाब में सबसे विनाशक बाढ़

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चार दशकों में सबसे विनाशकारी बाढ़ आई है—10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए, 1,400 से अधिक गांव प्रभावित, और मुख्य फसलें तबाह हो गईं। मानसून की बारिश और भारतीय बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़ने से स्थिति बिगड़ी है ।

11. अंतर्राष्ट्रीय संकट: सीमावर्ती समुदाय संघर्ष और बाढ़ दोनों से त्रस्त

कसूर में सीमावर्ती गाँवों के लोगों ने साथ-साथ संघर्ष और बाढ़ का सामना किया है—वे अब “दोबारा विस्थापन” और जीवन के पुनर्निर्माण की चुनौतियों से जूझ रहे हैं ।

12. शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण का नया आयाम

उद्यमशीलता विषय के माध्यम से छात्रों को नौकरी की अपेक्षा नौकरी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस पहल से यदि केवल 10% छात्र सफल होते हैं, तो अनुमानित ₹300–400 करोड़ का आर्थिक योगदान हो सकता है—यह शिक्षा और स्थानीय विकास का अनूठा संयोजन है ।


Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!