न्यूज इइंडिया आजतक, संपादक राम प्रकाश वत्स
1. पाकिस्तान के पंजाब में जानलेवा बाढ़: भारी बारिश के कारण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ की स्थिति बिगड़ गई है, जिससे 1.2 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, और लगभग 1,400 गाँव प्रभावित हुए हैं। राहत शिविर और चिकित्सा सुविधाएँ स्थापित की गई हैं
2. पंजाब में पनबढ़ाव जारी: भारतीय पंजाब में पंजाब के प्रमुख बांध—भाखड़ा, पोंग और रंजित सर— खतरे के निशान के पास पानी भरने की स्थिति में हैं ।
3. ग्रामीण संघर्ष और छतों पर आश्रय: हाल ही की बाढ़ में कई गाँवों के लोग अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पीने के पानी, बचाव और राहत मांगने की गुहार लगाई है ।
4. बाढ़ प्रभावित आठ जिलों में हाल बेहाल: पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का समेत आठ जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, 518 गाँव प्रभावित हुए, और बांध अपनी क्षमताओं के निकट हैं ।
5. अत्यधिक बारिश का कारण: पंजाब में हाल ही में बारिश सामान्य से लगभग 1,272% अधिक रही—48 मिमी की बजाय केवल 3.5 मिमी होना चाहिए था—जबकि हिमाचल और हरियाणा में भी अत्यधिक बारिश दर्ज हुई ।
6. एनडीआरएफ की जीवंत बचाव कार्रवाई: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने फाज़िल्का में चार युवकों को और गुरदासपुर में लगभग 400 छात्रों को बाढ़ में फंसे होने की स्थिति से सुरक्षित निकाला ।
7. नवजवान युवकों का रौचक बचाव: फाजिल्का में चार युवक बाढ़ में बहते-बहते सीमा के पास लगे पेड़ से चिपक कर पाकिस्तान में चले जाने से बच गए और NDRF ने उन्हें सुरक्षित निकाला ।
8. भारतीय सेना की बचाव अभियान: भारतीय सेना ने हेलीकॉप्टर और ATOR N1200 नामक एम्फीबियस वाहन की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों—जैसे अमृतसर, गोरदासपुर—में फंसे लोगों को बचाया ।
9. CM भगवंत मान ने स्कूल बंद किए: भारी बारिश व बाढ़ के खतरे की वजह से पंजाब में 28 अगस्त से 30 अगस्त तक सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया ।
10. बढ़ती संरचनात्मक चुनौतियाँ: सड़कों, रेल मार्गों में रेल सेवाएं स्थगित, राहत शिविर स्थापित और पंजाब के जल संसाधन मंत्री बारिंदर कुमार गोयल ने केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों की ओर से मदद की कमी पर गंभीर चिंता जताई ।–
-पंजाब में में बाढ़ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। भारी मानसूनी बारिश से बांधों में पानी अत्यधिक स्तर पर पहुंचा है, जिससे गाँव, स्कूल, बुनियादी संरचना प्रभावित हुई हैं। भारतीय सेना, NDRF और राज्य सरकार राहत व बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। कई इलाकों में स्कूल बंद किए गए, किसानों व ग्रामीणों की पीड़ा साफ दिख रही है— विशेष रूप से छतों पर रहने वाले लोग और पीने के पानी की आपूर्ति की कमी। केंद्र की ओर से विशेष राहत पैकेज और संसाधनों की मांग की जा रही है।

