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हिमाचल में टोल की नई व्यवस्था: 20 किमी के दायरे में रहने वालों को सालाना पास, जानें कितनी देनी होगी रकम

RamParkash Vats
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हिमाचल में टोल की नई व्यवस्था लागू, 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को मिलेगी बड़ी राहत; ग्रामीणों को 1500 और शहरी वाहन मालिकों को देने होंगे 3000 रुपये सालाना

शिमला:- हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत की व्यवस्था की है। अब टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों को बार-बार टोल शुल्क चुकाने की परेशानी से राहत मिलेगी। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के तहत ऐसे वाहन मालिकों को रियायती वार्षिक पास उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की कीमत 1500 रुपये और नगरपालिका अथवा शहरी क्षेत्र में स्थित टोल प्लाजा के लिए 3000 रुपये निर्धारित की गई है। इस सुविधा का उद्देश्य उन स्थानीय लोगों को आर्थिक राहत देना है, जिन्हें नौकरी, व्यवसाय, खेतीबाड़ी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के दूसरे जरूरी कार्यों के लिए बार-बार टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए अब मासिक पास के साथ वार्षिक पास का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिससे वे अपनी जरूरत और आर्थिक सुविधा के अनुसार पास का चयन कर सकेंगे।

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित छह टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इनमें शिमला-मटौर कॉरिडोर के राष्ट्रीय राजमार्ग-503 पर स्थित घट्टा टोल प्लाजा और परवाणू-शिमला कॉरिडोर पर स्थित सनवारा टोल प्लाजा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर पर मौरा, बलोह, टकोली और डोहलू नाला टोल प्लाजा भी इस व्यवस्था के दायरे में बताए गए हैं। इन टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में निवास करने वाले पात्र वाहन मालिक निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद सालाना पास प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा सभी प्रकार के वाहनों के लिए नहीं होगी। इसका लाभ केवल निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों को ही मिलेगा। वाहन मालिक का निवास संबंधित टोल प्लाजा से निर्धारित 20 किलोमीटर की सीमा के भीतर होना जरूरी है। इसके साथ ही वाहन पर वैध और चालू FASTag लगा होना भी अनिवार्य रहेगा। यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। इसका इस्तेमाल दूसरे टोल प्लाजा पर मुफ्त आवागमन के लिए नहीं किया जा सकेगा।

नई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को समझना भी जरूरी है। यदि किसी टोल प्लाजा तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों के पास सर्विस रोड अथवा कोई वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, तो ऐसे मामलों में रियायती वार्षिक पास की पात्रता प्रभावित हो सकती है। इसी प्रकार बंद उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर यह सुविधा लागू नहीं होगी। सरकार की ओर से निर्धारित वार्षिक शुल्क में प्रत्येक वर्ष पहली अप्रैल को संशोधन भी किया जा सकता है। स्थानीय वाहन मालिकों के लिए पहले से उपलब्ध 360 रुपये के मासिक पास का विकल्प भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को अपनी यात्रा की आवृत्ति और जरूरत के अनुसार मासिक अथवा वार्षिक पास चुनने की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को फायदा होने की उम्मीद है, जिन्हें रोजाना अपने घर से जिला मुख्यालय, बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों या कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए टोल प्लाजा पार करना पड़ता है। बार-बार टोल शुल्क देने से होने वाला आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्थानीय वार्षिक पास के अलावा एनएचएआई की सामान्य वार्षिक FASTag पास योजना भी अलग से जारी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सामान्य वार्षिक FASTag पास की कीमत 3075 रुपये निर्धारित की गई है। इसके माध्यम से पात्र निजी गैर-व्यावसायिक कार, जीप और वैन राष्ट्रीय राजमार्गों तथा राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर स्थित टोल प्लाजा से एक वर्ष में अधिकतम 200 बार गुजर सकते हैं। इसकी वैधता एक वर्ष अथवा 200 बार टोल पार करने की सीमा में से जो पहले पूरी होगी, उसी समय समाप्त हो जाएगी। इस प्रकार हिमाचल के स्थानीय निवासियों के सामने अब दो अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ओर संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोगों के लिए 1500 और 3000 रुपये का स्थानीय वार्षिक पास है, वहीं दूसरी ओर देशभर के पात्र राजमार्गों पर यात्रा के लिए 3075 रुपये वाला सामान्य वार्षिक पास है। नई व्यवस्था से हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास रहने वाले हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पास लेने से पहले वाहन मालिकों को अपनी पात्रता, संबंधित टोल प्लाजा की श्रेणी और निर्धारित नियमों की आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।

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