
नूरपुर से विनय महाजन :-नूरपुर के 200 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर पिछले पखवाड़े से बंद पड़ा है, जबकि अल्ट्रासाउंड सुविधा भी दो महीने से अधिक समय से ठप है। हालात यह हैं कि ऑपरेशन और अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों, पठानकोट और टांडा मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार अस्पताल की एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन लंबे समय से खराब पड़ी हैं। दोनों मशीनें अपनी निर्धारित कार्य अवधि पूरी कर चुकी हैं। कंपनी के इंजीनियरों ने भी इन्हें मरम्मत योग्य नहीं बताया है। इसके चलते अस्पताल में सर्जरी की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर होना पड़ रहा है।
एमएस सिविल अस्पताल नूरपुर डॉ. अनुपमा शर्मा ने 15 अक्तूबर को सर्कुलर जारी कर विशेषज्ञ डॉक्टरों को आगामी आदेशों तक ऑपरेशन की तारीखें निर्धारित नहीं करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में अस्पताल में एक सर्जन, दो स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक हड्डी रोग विशेषज्ञ ओपीडी में मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन मशीनों की खराबी के चलते ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से नई एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन मशीन और अल्ट्रासाउंड उपकरण उपलब्ध करवाने का मामला प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के समक्ष उठाया गया है। ताकि अस्पताल में बंद पड़ी इन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द बहाल किया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नूरपुर सिविल अस्पताल पर नूरपुर सहित आसपास की कई विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोग निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल में ऑपरेशन और अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी सुविधाओं का लंबे समय तक बंद रहना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मरीजों को बाहर इलाज करवाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है, वहीं आपात परिस्थितियों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक संगठनों ने प्रदेश सरकार, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठनों ने कहा कि नूरपुर अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करना प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार जल्द नई मशीनें उपलब्ध करवाए, ताकि मरीजों को अपने क्षेत्र में ही समय पर, सुलभ और बेहतर उपचार मिल सके।
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व वरिष्ठ नेता अजय महाजन का कहना है कि लोगों की समस्या का समाधान के लिए वह मुख्यमंत्री से इस मामले में बात करेंगे ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को राहत मिल सके l
इस मामले में मौजूदा विधायक रणवीर सिंह निक्का का कहना है कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में एक बार फिर अस्पताल का मुद्दा गर्म जोशी के साथ रखेंगेl

