
डीजीपी अशोक तेवारी ने शिमला में स्कूल प्रधानाचार्यों से की बैठक, बाल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और पुलिस-स्कूल समन्वय मजबूत करने पर दिया जोर।
हिमाचल में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क, डीजीपी अशोक तेवारी ने स्कूलों में प्रभावी निगरानी और पुलिस-स्कूल समन्वय बढ़ाने पर की चर्चा।
हिमाचल प्रदेश पुलिस का यह प्रयास विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बाल संरक्षण को मजबूत बनाने और स्कूलों में सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिमला। हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री अशोक तेवारी, आईपीएस ने शिमला में स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, स्कूलों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने तथा पुलिस और स्कूल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा

बैठक के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। डीजीपी ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा सतर्क निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक में साइबर सुरक्षा के महत्व पर भी विशेष चर्चा हुई। वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और इंटरनेट के संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में शिक्षित करने पर बल दिया गया।

डीजीपी ने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना पुलिस और स्कूल प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। इस दिशा में प्रभावी समन्वय, समय पर सूचना साझा करना और निवारक उपाय अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है।बैठक में स्कूलों में प्रभावी निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन तथा पुलिस और स्कूल प्रशासन के बीच नियमित संवाद बनाए रखने पर भी चर्चा की गई।

