पठानकोट-मंडी फोरलेन प्रभावितों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष करने वाले दरबारी सिंह को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

नूरपुर, 31 अक्टूबर,विनय महाजन।:फोरलेन संघर्ष समिति नूरपुर के अध्यक्ष दरबारी सिंह (74) का शनिवार को उनके पैतृक गांव नागावाड़ी में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार में भारी संख्या में स्थानीय लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने शामिल होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दरबारी सिंह एक मधुर स्वभाव, मेहनती और जनहित के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन निर्माण से प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए फोरलेन संघर्ष समिति का गठन किया था। उनके नेतृत्व में समिति ने फोरलेन विस्थापितों के अधिकारों, उचित मुआवजे और प्रभावित परिवारों के हितों को लेकर लंबा संघर्ष किया।
दरबारी सिंह ने फोरलेन प्रभावितों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके हक की आवाज बुलंद की। जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता और संघर्षशील व्यक्तित्व के चलते क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान बनी हुई थी। उनके निधन से फोरलेन संघर्ष समिति ने एक समर्पित नेतृत्वकर्ता और क्षेत्रवासियों ने अपना एक कर्मठ साथी खो दिया है।
समिति पदाधिकारियों ने जताया गहरा शोक
दरबारी सिंह के निधन पर फोरलेन संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष विजय सिंह हीर, उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि दरबारी सिंह का जनहित के मुद्दों के प्रति समर्पण और फोरलेन प्रभावितों के अधिकारों के लिए किया गया संघर्ष सदैव याद रखा जाएगा।
दुर्घटना के बाद से चल रहे थे अस्वस्थ
बताया जाता है कि कुछ समय पहले दरबारी सिंह का वाहन एक आवारा पशु से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे के बाद से वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। शनिवार को उनके निधन से परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है।
दरबारी सिंह के निधन से फोरलेन संघर्ष समिति को अपूरणीय क्षति पहुंची है। जनहित के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य और संघर्ष की स्मृतियां सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

