क्लच प्लेट में तकनीकी खराबी आने से बीच रास्ते में खड़ी हुई बस, यात्रियों को हुई परेशानी; निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

नूरपुर, 31 अक्टूबर विनय महाजन:हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में तकनीकी खराबियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला पठानकोट डिपो की एक बस से जुड़ा है, जो पठानकोट से रवाना होने के बाद मात्र 13 किलोमीटर का सफर तय करते ही हिमाचल प्रदेश के कंडवाल के समीप खराब होकर सड़क किनारे खड़ी हो गई। बताया जा रहा है कि बस लंबे रूट पर जा रही थी।
बस के अचानक बीच रास्ते में खड़े हो जाने से उसमें सवार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री अपने जरूरी कार्यों के लिए समय पर गंतव्य तक पहुंचने के उद्देश्य से बस में सवार हुए थे, लेकिन बस में तकनीकी खराबी आने के कारण उनका सफर बाधित हो गया।
वर्कशॉप से निकलने के बाद रास्ते में क्यों हांफ रही हैं बसें?
बस के मात्र 13 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद खराब हो जाने से निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आखिर कब तक निगम की बसें वर्कशॉप से निकलने के कुछ ही समय बाद रास्ते में खराब होती रहेंगी? क्या बसों को रूट पर भेजने से पहले उनकी तकनीकी जांच और उचित रखरखाव सुनिश्चित नहीं किया जाना चाहिए?
लोगों का कहना है कि यह घटना दिन के समय हुई, जिससे यात्रियों को किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था की उम्मीद बनी रही। यदि यही घटना रात के समय किसी सुनसान क्षेत्र में होती, तो यात्रियों की परेशानी और अधिक बढ़ सकती थी। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए ऐसी परिस्थितियां गंभीर समस्या बन सकती हैं।
क्लच प्लेट में तकनीकी खराबी आने से रुकी बस
इस मामले में डिपो प्रबंधक विजय चौधरी के अनुसार, बस की क्लच प्लेट में तकनीकी त्रुटि आ जाने के कारण बस खराब हो गई थी। उन्होंने बताया कि क्लच प्लेट में आई खराबी के चलते बस को रास्ते में खड़ा करना पड़ा।
अब सवाल यह है कि निगम की बसों के नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच को लेकर क्या व्यवस्था अपनाई जा रही है, ताकि यात्रियों को बीच रास्ते में इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
यात्रियों की सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करना निगम की जिम्मेदारी है। ऐसे में बसों के रखरखाव और रूट पर भेजने से पहले उनकी तकनीकी जांच को लेकर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

