युद्ध पुरस्कार पाने वाले सैनिकों और उनके परिवारों को अब 7 हजार के बजाय मिलेंगे 10 हजार रुपये, जीएसटी संशोधन अधिनियम 2026 को भी राज्यपाल की मंजूरी

शिमला:हिमाचल प्रदेश में संपत्ति की खरीद-फरोख्त, जमीन के हस्तांतरण और लीज से जुड़े मामलों में अब संशोधित स्टांप शुल्क दरें लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। नए प्रावधानों के तहत महिलाओं और अन्य व्यक्तियों के लिए संपत्ति खरीदने पर अलग-अलग स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण को राहत देते हुए शुल्क में बड़ी कमी की गई है।संशोधित कानून का सीधा असर प्रदेश में जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों पर पड़ेगा। खास बात यह है कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये तक चार प्रतिशत स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि इससे अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने पर आठ प्रतिशत शुल्क देना होगा।
महिलाओं और अन्य खरीदारों के लिए अलग-अलग दरें
नए प्रावधानों के अनुसार महिलाओं के नाम पर एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर चार प्रतिशत स्टांप शुल्क लगेगा। एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति पर आठ प्रतिशत शुल्क निर्धारित किया गया है। दूसरी ओर, अन्य व्यक्तियों के लिए 40 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर छह प्रतिशत और 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति पर आठ प्रतिशत स्टांप शुल्क देना होगा।इस व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से पहले खरीदारों को संपत्ति के निर्धारित बाजार मूल्य और लागू स्टांप शुल्क की गणना करना जरूरी होगा। इससे रजिस्ट्री के समय लगने वाले खर्च में संपत्ति के मूल्य और खरीदार की श्रेणी के अनुसार अंतर आएगा।
पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण पर बड़ी राहत
संशोधित अधिनियम में सबसे महत्वपूर्ण राहत पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण को लेकर दी गई है। अब पति-पत्नी और रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर केवल 0.1 प्रतिशत स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे परिवार के भीतर संपत्ति का बंटवारा, हस्तांतरण और नामांतरण कराने वाले लोगों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।वहीं, एक वर्ष या इससे अधिक अवधि की लीज पर संपत्ति देने के मामलों में स्टांप शुल्क की गणना संपत्ति के बाजार मूल्य, लीज की अवधि और संबंधित नियमों के आधार पर की जाएगी।
धारा 118 के तहत जमीन खरीदने पर 12 प्रतिशत शुल्क
हिमाचल प्रदेश भू-सुधार एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के तहत विशेष अनुमति लेकर राज्य में जमीन खरीदने अथवा पट्टे पर लेने वाले मामलों में महिला और पुरुष दोनों के लिए 12 प्रतिशत स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है। इस प्रावधान में लिंग के आधार पर कोई रियायत नहीं रखी गई है।इसके अतिरिक्त तहसीलों में बनाए जाने वाले शपथपत्र के लिए 100 रुपये तथा दत्तक ग्रहण विलेख के लिए 2,000 रुपये स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है। इन बदलावों के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त और विभिन्न कानूनी दस्तावेज तैयार करवाने की प्रक्रिया में नई शुल्क व्यवस्था लागू होगी।
युद्ध पुरस्कार पाने वाले सैनिकों के परिवारों को मिलेगी बढ़ी हुई आर्थिक सहायता
हिमाचल प्रदेश के सैनिकों और उनके परिवारों के लिए भी राहत भरी खबर है। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत युद्ध पुरस्कार के पात्र लाभार्थियों को अब 7,000 रुपये के स्थान पर 10,000 रुपये की राशि मिलेगी।इस फैसले से युद्ध पुरस्कार के पात्र सैनिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से निर्धारित सहायता राशि को बढ़ाने का उद्देश्य महंगाई के दौर में पात्र परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्रदान करना है। शुक्रवार को विधि विभाग की ओर से इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की गई।
जीएसटी कानून में भी किए गए महत्वपूर्ण संशोधन
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन अधिनियम, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत वर्ष 2017 के मूल जीएसटी कानून की धाराओं 15, 34 और 54 में संशोधन किया गया है।इन संशोधनों का प्रमुख उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और स्पष्ट बनाना है। विशेष रूप से कर छूट, क्रेडिट नोट और रिफंड से संबंधित प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया गया है।इसके अलावा अनयूटिलाइज्ड इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी उपयोग नहीं हो पाए इनपुट टैक्स क्रेडिट तथा निर्यात किए जाने वाले माल पर रिफंड के दावों से संबंधित प्रावधानों में भी प्रक्रियागत स्पष्टता लाई गई है। इससे करदाताओं और कारोबारियों को रिफंड संबंधी मामलों में नियमों को समझने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
आम जनता, संपत्ति खरीदारों और कारोबारियों पर पड़ेगा असर
हिमाचल प्रदेश में एक साथ तीन महत्वपूर्ण संशोधन अधिनियमों को मंजूरी मिलने से संपत्ति कारोबार, सैनिक कल्याण और कर व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिलेगा। जहां महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर रियायती स्टांप शुल्क का लाभ मिलेगा, वहीं अन्य खरीदारों के लिए नई दरों के अनुसार रजिस्ट्री खर्च निर्धारित होगा।पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण पर 0.1 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान आम परिवारों के लिए राहतकारी माना जा रहा है। दूसरी ओर, युद्ध पुरस्कार की राशि में वृद्धि से सैनिक परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।कुल मिलाकर राज्यपाल की मंजूरी के बाद राजपत्र में प्रकाशित ये संशोधन प्रदेश की संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था, सैनिक कल्याण और जीएसटी प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों के रूप में देखे जा रहे हैं।

