बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सम्मान और अधिकारों के प्रति किया जागरूक, उनके अनुभव को बताया समाज की अमूल्य धरोहर
कोटला में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने लगाया जागरूकता कार्यक्रम, आशा कार्यकर्ताओं सहित महिलाओं ने लिया भाग

न्यूज इंडिया आजतक के लिए इस खबर का एक मानवीय और जनहित से जुड़ा पहलू यह है कि बुजुर्गों की देखभाल केवल परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कोटला। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी नगरोटा सूरियां डॉ. अमन दुआ के दिशा-निर्देशानुसार कम्युनिटी हॉल कोटला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके स्वास्थ्य, अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, रविंद्र कुमार एवं नरेश कुमारी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बुजुर्ग किसी भी परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनका जीवन अनुभव, ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए अनमोल पूंजी है। बुजुर्गों के अनुभव से समाज को सही दिशा मिलती है। इसलिए उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।
नियमित स्वास्थ्य जांच और पौष्टिक आहार अपनाने का दिया संदेश
स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और उम्र के साथ होने वाली अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। साथ ही किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में बुजुर्गों को केवल दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की ही आवश्यकता नहीं होती, बल्कि परिवार के सदस्यों का प्यार, अपनापन, सहयोग और भावनात्मक सहारा भी उनके स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी है।
बुजुर्गों का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि जीवनभर होना चाहिए
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती सामाजिक परिस्थितियों के बीच वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और उनके सम्मान को लेकर समाज को विशेष संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे बुजुर्गों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनें, उनकी भावनाओं को समझें और उन्हें पारिवारिक एवं सामाजिक गतिविधियों में उचित स्थान दें।उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान केवल अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके प्रति आदर, सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना प्रत्येक दिन हमारे व्यवहार का हिस्सा होनी चाहिए।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे अपने परिवार और आसपास रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करवाएं।कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं सहित क्षेत्र की अनेक महिलाओं ने भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग के इस जागरूकता प्रयास के माध्यम से समाज को बुजुर्गों के प्रति सम्मान, सेवा और जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।

