हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से, 21 नवंबर तक चलेगा सदन
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीखें तय हो गई हैं। धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में 16 से 21 नवंबर 2026 तक विंटर सेशन आयोजित किया जाएगा।
तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंड, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह

शिमला:हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 29 अक्टूबर से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी तथा कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में संभावित बदलाव के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान गिरने और ठंड बढ़ने के आसार हैं।
मौसम में होने वाले इस बदलाव का असर विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों और ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। बर्फबारी की स्थिति बनने पर पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी रहती है। ऐसे में स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रदेश में सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ ही पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आने लगती है। बर्फबारी की संभावना से पर्यटकों में उत्सुकता बढ़ सकती है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है। वाहन चालकों को ऊंचाई वाले मार्गों पर सफर करने से पहले सड़क की स्थिति और मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर रहेगी नजर
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है। विशेषकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।फिलहाल 29 अक्टूबर से मौसम में बदलाव की संभावना के बीच प्रदेशवासियों की नजर मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान पर रहेगी। बारिश और बर्फबारी की वास्तविक स्थिति आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार स्पष्ट होगी।

