
चार साल पूरे होने को, भाजपा विधायक का आरोप—सदन में मिले आश्वासन धरातल पर नहीं उतरे; चुनावी वादों पर सरकार से मांगा जवाब
नूरपुर से विशेष राजनीतिक रिपोर्ट विनय महाजन:हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रणबीर सिंह निक्का ने प्रदेश सरकार पर विधानसभा में उठाए गए जनहित के मुद्दों को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में नूरपुर को जिला बनाने तथा विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज या इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने की मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया जाएगा।विधायक निक्का के अनुसार,
भाजपा विधायकों ने विधानसभा में विभिन्न जनसमस्याओं और विकास कार्यों से संबंधित प्रश्न उठाए हैं। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद कई मामलों में धरातल पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि केवल सदन में आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई और विकास कार्यों का वास्तविक क्रियान्वयन भी जरूरी है।
नूरपुर को जिला बनाने की मांग पर फिर बढ़ेगा दबाव
नूरपुर को जिला बनाने का मुद्दा लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। विधायक रणबीर सिंह निक्का ने संकेत दिया है कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में इस मांग को पूरी गंभीरता के साथ उठाकर सरकार से उसकी मंशा और प्रस्तावित कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा। जिला गठन की मांग को क्षेत्र की प्रशासनिक जरूरतों, विकास की संभावनाओं और स्थानीय जनता की अपेक्षाओं से जोड़कर देखा जाता रहा है। ऐसे में आगामी विधानसभा सत्र में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।
मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज का चुनावी वादा भी उठेगा
विधायक निक्का ने कहा कि नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करना उनके प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में सरकार को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक उनकी अपेक्षा के अनुरूप प्रगति नहीं हुई है। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और नूरपुर के विकास को गति देने के लिए ऐसे संस्थान की स्थापना महत्वपूर्ण है।उन्होंने दोहराया कि आगामी शीतकालीन सत्र में इस विषय को मजबूती से उठाया जाएगा और सरकार से पूछा जाएगा कि नूरपुर के लिए प्रस्तावित शैक्षणिक संस्थान के संबंध में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
विपक्ष की रणनीति और सरकार की जवाबदेही पर रहेगी नजररा
जनीतिक दृष्टि से देखें तो नूरपुर को जिला बनाने और मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग केवल विकास से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जनभावनाओं और चुनावी वादों की कसौटी भी बन चुकी है। भाजपा विधायक द्वारा इन मुद्दों को दोबारा विधानसभा में उठाने की घोषणा से स्पष्ट है कि विपक्ष सरकार को उसके आश्वासनों और विकास संबंधी निर्णयों पर घेरने की तैयारी में है।विधायक रणबीर सिंह निक्का ने यह भी कहा कि यदि भाजपा की सरकार सत्ता में आती है तो नूरपुर में मेडिकल कॉलेज या इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। इस बयान के साथ उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और आगामी राजनीतिक संघर्ष की रूपरेखा भी सामने रखी है।अब देखना यह होगा कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में सरकार इन मांगों पर क्या जवाब देती है और नूरपुर की जनता को जिला गठन तथा उच्च शिक्षण संस्थान के विषय में कोई ठोस समयसीमा या निर्णय मिल पाता है या नहीं। फिलहाल, नूरपुर के ये दोनों मुद्दे आगामी दिनों में क्षेत्रीय राजनीति के केंद्र में बने रहने के संकेत दे रहे हैं।

