
नूरपुर से विनय महाजन:प्रदेश मे लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई डीपीआर की स्टेट टेक्रीकल एजेंसी जाँच मे आजकल जुटी हुई है l योजना के चौथे चरण के दूसरे बैच में 300 से अधिक सडक़ों के निर्माण की है राज्य की तैयारी मे ऐसी सड़के ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित है l प्राप्त सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना चार के दूसरे बैच में राज्य में बनने वाली ग्रामीण सडक़ों की डीपीआर की तकनीकी जांच की प्रक्रिया लगभग इसी माह पूरी हो जाने की संभावना है।
योजना के तहत 300 से अधिक सडक़ों के निर्माण की योजना है। राज्य में डीपीआर से जुड़ी जांच होने के बाद इसे आगामी मंजूरी के लिए प्रिंसिपल टेक्रीकल एजेंसी को भेजा जाएगा। लिहाजा आगामी महीनों में प्रदेश में ग्रामीण सडक़ों के निर्माण की मंजूरी भी केंद्र से मिलने की उम्मीद है।जानकारी के अनुसार राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना चार के दूसरे बैच में लगभग 340 सडक़ों की डीपीआर लोक निर्माण विभाग ने तैयार की है। जिन्हें अब एसटीए के पास आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है। लोक निर्माण विभाग चाहता है कि केंद्रीय स्तर पर होने वाली डीपीआर की जांच में किसी प्रकार की त्रुटि सामने ना आए,
इसके लिए हर पहलु को ध्यान में रखा जा रहा है। इसी माह एसटीए से जुड़ी औपचारिकओं को विभाग पूरा कर लेगा। जिसके बाद इन सभी डीपीआर को प्रिंसिपल टेक्रीकल एजेंसी के समक्ष जांच के लिए रखा जाएगा। पीटीए की तरफ से डीपीआर को हरी झंडी मिलने के उपरांत प्रदेश से जुड़े ग्रामीण सडक़ों के प्रस्तावों की केंद्र की प्री इंपावर्ड कमेटी की बैठक में चर्चा होगी।पीइसी और इसी की स्वीकृति मिलने के उपरांत मामला केंद्र के वित्त मंत्रालय के समक्ष जाएगा और बाद में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय इसे अपने मंजूरी प्रदान करेगाl यह जानकारी प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मे गुप्त सूत्रों के अनुसार मिली है देखना है कि केंद्र सरकार का संबंधित मंत्रालय है इसको कैसे मंजूरी प्रदान करता है क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और केंद्र में एनडीए की सरकार है चुनावी वर्ष है 2027 में विधानसभा में चुनाव होने हैं l

