नूरपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे एंटी-चिट्टा अभियान के तहत नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस जिला नूरपुर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

लेखक : संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों के संबंध में कार्रवाई अब उनके कब्जे और प्रबंधन के चरण तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री की इस बारे में जो दिशा निर्देश हैं उसे पुलिस विभाग में धरातल पर उतारकर यह साबित कर दिया है जनसमुदाय के माध्यम से हिमाचल के बॉर्डर सीमा पर नशे का खत्म होगाl प्रदेश में पुलिस जिला नूरपुर भी इस मामले में मुख्यमंत्री की गुड्स बुक में अपना नाम अब लिखवा चुका हैl पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, बलविंदर बिल्ला से संबंधित एनडीपीएस मामले में पुलिस थाना डमटाल द्वारा 11 अगस्त, 2026 को संबंधित संपत्तियों को फ्रीज किया गया था।
इसके बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली द्वारा 9 सितंबर, 2026 को लगभग 3.32 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की गई। इन संपत्तियों में आलीशान कोठी सहित अन्य संपत्तियां शामिल हैं।फ्रीज की गई संपत्तियों में ‘क्वालिटी’ होटल एवं रेस्तरां तथा 08 दुकानें, मुहाल टोकी, एनएच-44 के समीप, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, उक्त संपत्ति बलविंदर बिल्ला की पत्नी उर्मिला देवी के नाम दर्ज है।
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा इस मामले मे उक्त बहुमंजिला होटल एवं 08 दुकानों के संबंध में थाना प्रभारी, पुलिस थाना डमटाल को प्रशासक नियुक्त किए जाने का अनुरोध सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। अनुरोध पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68जी के तहत थाना प्रभारी डमटाल को उक्त संपत्ति का कब्जा लेने तथा उसका प्रबंधन करने के लिए अधिकृत किया है। संबंधित संपत्तियों में 00-02-28 हेक्टेयर भूमि, खाता संख्या 96, खतौनी संख्या 176, खसरा संख्या 738/719/35 एवं 739/719/35 तथा 00-01-32 हेक्टेयर भूमि, खाता संख्या 178, खतौनी संख्या 277, खसरा संख्या 738/35 शामिल है।
संपत्ति का कब्जा एवं प्रबंधन संबंधित नियमों तथा एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68टी के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।संपत्ति से होने वाली आय तथा उससे संबंधित वित्तीय लेन-देन भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत निगरानी में रहेंगे। संपत्ति से संबंधित खातों तथा आय-व्यय का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार निरीक्षण किया जाएगा। बड़े वित्तीय व्यय के लिए आवश्यक पूर्व अनुमति की प्रक्रिया का भी पालन किया जाएगा।पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों के कब्जे, प्रबंधन तथा उनसे होने वाली आय के विनियमन से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मामले में एडिशनल एसपी धर्मचंद वर्मा नूरपुर ने अपनी पुलिस टीम को भी बधाई देते हुए कहा कि जनता के सहयोग से हम इस मिशन में कामयाब होंगेl
पुलिस जिला नूरपुर ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत उपलब्ध वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री के नशामुक्त हिमाचल के विजन के अनुरूप नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को केवल फ्रीजिंग तक सीमित न रखते हुए उनके कब्जे, प्रबंधन और आय के नियमन तक ले जाने की दिशा में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

