अकिल बख्शी बोले—आंदोलन किसी सरकार या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, नूरपुर की स्वास्थ्य सुविधा और जनता के हक का सवाल; एसडीएम कार्यालय से जुलूस निकालकर अस्पताल परिसर में शुरू होगी भूख हड़ताल

नूरपुर के मातृ-शिशु अस्पताल को शुरू करवाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अकिल बख्शी ने अस्पताल को जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026 से नूरपुर अस्पताल परिसर में शांतिपूर्ण भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। इस संबंध में उन्होंने प्रेस नोट जारी कर क्षेत्रवासियों और अपने साथियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
बख्शी के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत से पहले नूरपुर एसडीएम कार्यालय के बाहर सामाजिक संस्था के सदस्यों और समर्थकों के एकत्रित होने की योजना है। इसके बाद शहर से होते हुए जुलूस निकाला जाएगा और अस्पताल परिसर पहुंचकर शांतिपूर्ण भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
अकिल बख्शी ने कहा कि मातृ-शिशु अस्पताल नूरपुर क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है। उनका कहना है कि अस्पताल को शुरू करवाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इसे पूर्ण रूप से शुरू करवाने को लेकर क्षेत्र की जनता को ठोस परिणाम नहीं मिल पाया है। इसी मुद्दे को लेकर अब वह स्वयं भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित आंदोलन किसी राजनीतिक दल अथवा सरकार के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि यह आंदोलन नूरपुर की जनता के हित और अस्पताल को शुरू करवाने की मांग को लेकर है। उन्होंने स्थानीय नेताओं द्वारा इस संबंध में पूर्व में किए गए आश्वासनों और वादों पर भी सवाल उठाते हुए जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
बख्शी ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे नूरपुर के हक और भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधा को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना तथा इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग करना है।
अब 2 अक्टूबर को प्रस्तावित भूख हड़ताल के दौरान क्षेत्र के लोगों की भागीदारी और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित विभाग मातृ-शिशु अस्पताल को शुरू करने की दिशा में क्या समयबद्ध कदम उठाते हैं।

