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चंबा में मानसून से तबाही का केंद्रीय आकलन, भटियात में प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंची अंतर-मंत्रालयी टीम

RamParkash Vats
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कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र न्यूज इंडिया आजतक के लिए—नूरपुर से विनय महाजन,:चंबा जिले में मानसून-2026 के दौरान भारी बारिश, फ्लैश फ्लड, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से हुए व्यापक नुकसान का केंद्रीय स्तर पर आकलन शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने भटियात विधानसभा क्षेत्र के चुवाड़ी पहुंचकर जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद टीम के सदस्यों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और नुकसान की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और नुकसान की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

चुवाड़ी में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) के अध्यक्ष एम. रामचंद्रुडु ने की। बैठक में जिला प्रशासन की ओर से केंद्रीय टीम के समक्ष मानसून के दौरान जिले में हुए नुकसान को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें आपदा से प्रभावित सड़कों, पेयजल योजनाओं, बिजली व्यवस्था, मकानों और अन्य सरकारी भवनों के साथ-साथ कृषि, पशुपालन तथा शिक्षा क्षेत्र को हुए नुकसान की जानकारी उपलब्ध करवाई गई।

प्रशासन ने केंद्रीय टीम को आपदा के दौरान हुए जन-धन के नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्स्थापना कार्यों की भी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाल करने तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा दुरुस्त करने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से कार्य किए जा रहे हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर देखी जमीनी स्थिति

समीक्षा बैठक के बाद अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने भटियात विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। टीम ने कालीघार और टिकर गला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान की जमीनी स्थिति को देखा। केंद्रीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने मौके पर स्थानीय अधिकारियों से क्षति की प्रकृति, प्रभावित परिसंपत्तियों तथा अब तक किए गए राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की जानकारी ली।स्थलीय निरीक्षण के दौरान टीम ने यह भी समझने का प्रयास किया कि मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के संपर्क मार्गों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचे को किस स्तर तक नुकसान पहुंचा है। केंद्रीय टीम के दौरे को नुकसान के वास्तविक आकलन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कई केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारी टीम में शामिल

अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम में जल शक्ति मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वित्त मंत्रालय तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) के अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल रहे।केंद्रीय टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण और प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर चंबा जिले में मानसून के दौरान हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके बाद केंद्र स्तर पर उपलब्ध कराए जाने वाले आकलन से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्स्थापना और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए आवश्यक सहायता की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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