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भाजपा ने हिमाचल में संगठन को चुनावी धार देने की कवायद तेज की, श्रीकांत शर्मा पर फिर भरोसा; दर्शना सिंह सह-प्रभारी

RamParkash Vats
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शिमला/नई दिल्ली.राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल:वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को गति देते हुए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नई नियुक्तियां की हैं। 23 सितंबर 2026 को घोषित सूची में श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बरकरार रखा गया है, जबकि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह को प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। जम्मू-कश्मीर में हिमाचल को संगठनात्मक प्रतिनिधित्व देते हुए पच्छाद की भाजपा विधायक रीना कश्यप को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। जम्मू-कश्मीर के प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया होंगे।
2027 के चुनावी चक्र पर भाजपा का संगठनात्मक फोकस
भाजपा की नई नियुक्तियों को 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों वाले राज्यों में संगठन को सक्रिय और चुनावी दृष्टि से तैयार करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है
। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार हिमाचल प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहां पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक टीम तय की है। हिमाचल में श्रीकांत शर्मा को प्रभारी बनाए रखना निरंतरता का संकेत है, जबकि दर्शना सिंह को सह-प्रभारी बनाए जाने से प्रदेश संगठन में एक अतिरिक्त केंद्रीय स्तर का समन्वय जुड़ा है।
श्रीकांत शर्मा उत्तर प्रदेश के मथुरा से भाजपा विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व ऊर्जा मंत्री रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वे हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रभारी की भूमिका में भी रहे थे। इसके बाद उन्हें प्रदेश भाजपा का प्रभारी बनाया गया था और अब राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें इसी जिम्मेदारी पर कायम रखा है।
महिला संगठन और जमीनी नेटवर्क पर भी जोर
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह को हिमाचल भाजपा का सह-प्रभारी बनाया गया है। वे लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़ी रही हैं और महिला मोर्चा सहित संगठन में विभिन्न दायित्व संभाल चुकी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वे भाजपा महिला मोर्चा की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
ऐसे में हिमाचल में नई टीम के सामने संगठन और चुनावी रणनीति के साथ-साथ बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। हालांकि नियुक्ति अपने आप में किसी चुनावी परिणाम का संकेत नहीं है, लेकिन पार्टी की ओर से जारी संगठनात्मक ढांचे से यह स्पष्ट है कि हिमाचल को 2027 के चुनावी चक्र में महत्वपूर्ण संगठनात्मक प्राथमिकता दी गई है।
रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी, हिमाचल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व
पच्छाद विधायक रीना कश्यप को जम्मू
-कश्मीर भाजपा का सह-प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ डॉ. सतीश पूनिया प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। रीना कश्यप अक्टूबर 2019 में पच्छाद विधानसभा उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनी थीं और दिसंबर 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पच्छाद सीट बरकरार रखी।
रीना कश्यप की नियुक्ति हिमाचल भाजपा के लिए राष्ट्रीय संगठन में एक अतिरिक्त प्रतिनिधित्व के रूप में सामने आई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी मिलने से हिमाचल के एक निर्वाचित विधायक को दूसरे महत्वपूर्ण संगठनात्मक क्षेत्र में काम करने का अवसर मिलेगा।
संगठनात्मक संदेश: हिमाचल पर केंद्रीय नेतृत्व की निगाह
भाजपा की नई सूची में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नियुक्तियां की गई हैं और ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू बताई गई हैं।
हिमाचल के संदर्भ में तीन नाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं—
श्रीकांत शर्मा, दर्शना सिंह और रीना कश्यप। एक ओर श्रीकांत शर्मा को जिम्मेदारी जारी रखकर संगठनात्मक निरंतरता रखी गई है, दूसरी ओर दर्शना सिंह को सह-प्रभारी बनाकर टीम का विस्तार किया गया है। वहीं रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर का दायित्व देकर हिमाचल के संगठनात्मक नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका दी गई है।
भाजपा के लिए अब इन नियुक्तियों के बाद वास्तविक चुनौती संगठनात्मक फैसलों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश में पार्टी की रणनीति को जमीन पर उतारने की होगी। नई नियुक्तियां संगठन की दिशा तय करती हैं, जबकि चुनावी परिणाम अंततः जनता के मतदान और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।

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