
नाहन। पशुपालन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की रात्रिकालीन ड्यूटी को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था सामने आई है। सिरमौर जिला में विभागीय स्तर पर 55 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों तथा महिला कर्मियों को रात्रि ड्यूटी से राहत दिए जाने की जानकारी मिली है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों की आयु, सुविधा और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करना बताया जा रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार पशुपालन विभाग के विभिन्न संस्थानों और केंद्रों में पशुओं की देखभाल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए नियमित रूप से ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाता है। रात्रि के समय भी विभागीय सेवाएं जारी रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की जाती है। ऐसे में ड्यूटी रोस्टर बनाते समय कर्मचारियों की आयु और महिला कर्मचारियों की परिस्थितियों को ध्यान में रखने की व्यवस्था की गई है।
बताया जा रहा है कि 55 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी से राहत देने का प्रावधान कर्मचारियों के कार्यभार और आयु संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए किया गया है। इसी प्रकार महिला कर्मचारियों को भी रात्रिकालीन ड्यूटी से राहत देने की जानकारी है। इससे लंबे समय से रात्रि ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, विभागीय संस्थानों में पशुपालन से जुड़ी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए ड्यूटी रोस्टर तैयार करते समय कर्मचारियों की उपलब्धता और संस्थान की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि रात्रिकालीन सेवाओं के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस व्यवस्था को लेकर विभागीय कर्मचारियों में राहत की भावना देखी जा रही है। खासकर अधिक आयु के कर्मचारियों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ रात्रि ड्यूटी करना उनके लिए अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है। वहीं महिला कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी से राहत मिलने से उनकी कार्य परिस्थितियों में भी सुविधा होने की संभावना है।
फिलहाल इस संबंध में लागू विभागीय आदेश अथवा विस्तृत दिशा-निर्देशों की आधिकारिक प्रति और उसके दायरे की पुष्टि संबंधित विभागीय कार्यालय से की जानी शेष है। अधिकारियों के अनुसार ड्यूटी व्यवस्था का अंतिम निर्धारण विभागीय नियमों और स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप किया जाएगा।

