नई छात्राओं के साथ यज्ञ से होगा सत्र का शुभारंभ, स्वामी वेद प्रकाश होंगे मुख्य वक्ता
डॉ. नीरजा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में करेंगी शिरकत, आर्य समाज ने क्षेत्रवासियों से कार्यक्रम में पहुंचने का किया आग्रह

नूरपुर से विनय महाजन। आर्य समाज नूरपुर की ओर से संचालित निशुल्क सिलाई केंद्र के 13वें सत्र का शुभारंभ 27 सितंबर 2026, रविवार को किया जाएगा। आर्य समाज नूरपुर की ओर से जारी प्रेस नोट में यह जानकारी दी गई। संस्था के अनुसार नए सत्र का शुभारंभ नई छात्राओं के साथ यज्ञ से किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन रविवार प्रातः 9 बजे आर्य समाज नूरपुर परिसर में होगा। इस अवसर पर आर्य समाज नूरपुर के प्रधान सीपी महाजन ने क्षेत्रवासियों से कार्यक्रम में पहुंचकर छात्राओं को अपना आशीर्वाद एवं प्रोत्साहन देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और आशीर्वाद से निशुल्क सिलाई केंद्र निरंतर अपने उद्देश्य की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे रविवार सुबह समय निकालकर आर्य समाज नूरपुर पहुंचें और नई छात्राओं के इस नए प्रयास में उनका उत्साहवर्धन करें।

कार्यक्रम में स्वामी वेद प्रकाश, संचालक आत्म प्रज्ञा आश्रम बाघनी, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त डॉ. नीरजा गुप्ता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। कार्यक्रम के दौरान यज्ञ एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के साथ छात्राओं को सिलाई प्रशिक्षण के महत्व और आत्मनिर्भरता की दिशा में इसके योगदान के बारे में भी प्रेरित किया जाएगा। आर्य समाज की ओर से संचालित निशुल्क सिलाई केंद्र का उद्देश्य क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाना और भविष्य में स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। संस्था का मानना है कि व्यावसायिक कौशल से महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी योगदान दे सकती हैं।
13वें सत्र तक पहुंचा सिलाई प्रशिक्षण का सफर। आर्य समाज नूरपुर के प्रधान सीपी महाजन ने बताया कि निशुल्क सिलाई केंद्र का संचालन आर्य समाज नूरपुर द्वारा किया जा रहा है और अब इसका 13वां सत्र शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र के संचालन में आर्य समाज की परंपरा से जुड़े लोगों सहित अनेक समाजसेवियों और सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके सहयोग के कारण यह सेवा कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से जरूरतमंद छात्राओं को बिना किसी शुल्क के व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और भविष्य में अपनी आजीविका का साधन तैयार करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज नूरपुर केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समय-समय पर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, प्रशिक्षण और अन्य सामाजिक सेवा कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाता रहा है।
समाजसेवा के क्षेत्र में आर्य समाज की पहल। सीपी महाजन ने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा करना और लोगों को शिक्षा, संस्कार तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना है। इसी उद्देश्य के तहत निशुल्क सिलाई केंद्र का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था की सफलता केवल उसके पदाधिकारियों के प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि इसमें समाज के लोगों की सहभागिता और सहयोग भी जरूरी होता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे इस सेवा कार्य से जुड़ें और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि नई छात्राओं के लिए यह सत्र केवल सिलाई सीखने का अवसर नहीं, बल्कि अपने भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने का माध्यम भी है। आर्य समाज नूरपुर की ओर से क्षेत्रवासियों को 27 सितंबर को सुबह 9 बजे आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पहुंचने का निमंत्रण दिया गया है। कार्यक्रम में यज्ञ के साथ नए सत्र का शुभारंभ होगा और अतिथियों द्वारा छात्राओं को मार्गदर्शन एवं शुभकामनाएं दी जाएंगी।

