प्रदेश मे क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आज खंड विकास कार्यालय नूरपुर में एक टीबी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।इस शिविर की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार ने की।

शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों, विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।इस अवसर पर बीडीओ अशोक कुमार ने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और पूरा इलाज होने पर यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। उन्होंने कहा कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए पंचायतों और आम जनता का सहयोग जरूरी है।कार्यक्रम में वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक रीना गुप्ता ने बताया कि यह शिविर बीएमओ डॉ. दिलवर के दिशा-निर्देशों पर लगाया गया। उन्होंने लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने बताया कि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, वजन घटना, भूख न लगना और बलगम में खून आना टीबी के मुख्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए। सरकार द्वारा टीबी की जांच और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं।इस दौरान टीबी मुक्त घोषित हुई पंचायतों के प्रधानों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

