ज्वाली, 19 सितंबर। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षण केवल नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अध्यापन के क्षेत्र में प्रतिभाशाली और योग्य युवाओं को आगे आना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर संस्कार और मार्गदर्शन मिल सके।

प्रो. चन्द्र कुमार आज कांता कॉलेज ऑफ एजुकेशन, चलवाड़ा में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और एक योग्य शिक्षक का प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

एक लड़की को शिक्षित करना पूरे परिवार को शिक्षित करने के समान है। शिक्षा जीवन की ऐसी पूंजी है, जो व्यक्ति को हर परिस्थिति में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देती है और कठिन समय में सहारा बनती है।कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में डे-बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में हजारों शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। आज प्रदेश 99.55 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ देश में दूसरे स्थान पर है, जो प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएl
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चयनित सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जा रहे है। आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी वातावरण के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
प्रो. चन्द्र कुमार ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले विद्यार्थियों के लिए 15 हजार रुपये देने की घोषणा की।इससे पहले कॉलेज प्रबंधन की ओर से मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसडीएम नरेंद्र जरियाल, कॉलेज के चेयरमैन शुभकरण सिंह, वाइस चेयरमैन सौरभ ठाकुर, प्रिंसिपल डॉ शिवानी मेहरा,कांग्रेस प्रवक्ता संसार सिंह संसारी,कांग्रेस नेता मन्नू शर्मा,अश्विनी चौधरी, सराफ सुभाष धवन सहित विद्यार्थी, शिक्षक तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

