सिरमौर / नोहराधार:प्रारम्भिक शिक्षा खंड नोहराधार के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवा मानल इन दिनों शिक्षकों की कमी से जूझ रही है। वर्ष 1955 में स्थापित इस विद्यालय में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक 53 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विगत 8 अप्रैल 2026 से विद्यालय में नियमित शिक्षक नहीं होने के बावजूद केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला उलाना के केंद्रीय मुख्य शिक्षक (CHT) कर्म दास चौहान विद्यालय की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

जनहित में दी गई दो माह की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद भी कर्म दास चौहान ने विद्यालय के प्रति अपनी जिम्मेदारी को जारी रखा। वह 18 और 19 सितंबर को विशेष रूप से देवा मानल पहुंचे और विद्यालय के लंबित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को पूरा करवाया। उनके इस प्रयास से शिक्षकों के अभाव के बीच भी विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों को गति मिल रही है।

कर्म दास चौहान के मार्गदर्शन में विद्यालय का स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) के लिए पंजीकरण एवं सर्वेक्षण पूरा हुआ। इसके साथ ही मिशन लाइफ के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में विद्यार्थियों द्वारा पौधरोपण किया गया। विद्यालय में चित्रकला, स्वच्छता एवं जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों के साथ स्थानीय समुदाय ने भी भाग लिया।

जर्जर भवन का मामला भी उठाया
विद्यालय के पुराने भवन की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। वर्ष 1988-92 के दौरान निर्मित भवन के कमरों, चारदीवारी और अन्य संरचनाओं की हालत खराब बताई जा रही है। CHT कर्म दास चौहान ने विद्यालय की समस्याओं को मुख्यमंत्री संकल्प 1100 हेल्पलाइन सहित संबंधित आधिकारिक माध्यमों के जरिए शासन-प्रशासन के समक्ष उठाते हुए नियमित शिक्षकों की नियुक्ति तथा भवन की मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध करवाने की मांग की है।
SMC अध्यक्ष विक्रम चौहान ने कहा कि शिक्षकों की कमी के बावजूद CHT कर्म दास चौहान द्वारा विद्यालय के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद भी विद्यालय पहुंचकर आवश्यक कार्य पूरा करना उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
वहीं समाजसेवी एवं पत्रकार कपिल शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों की नियमित व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने CHT कर्म दास चौहान द्वारा विद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग एवं प्रदेश सरकार से देवा मानल स्कूल में जल्द नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा जर्जर भवन की मरम्मत के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत करने की मांग की है

