
सीतापुर के थाना महमूदाबाद क्षेत्र के ग्राम भरथर में विद्युत एलटी लाइन का तार टूटने से गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। काफी समय तक विद्युत आपूर्ति बहाल न होने और कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद लाइन दुरुस्त न होने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को भरथर चौराहे पर बेहमा- भदरास- भरथर मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के सड़क पर उतरने से करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।ग्रामीण सहज राम, सोनू रावत, गौरव, धर्मेंद्र कुमार यादव, राजेंद्र यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत तार टूटने के बाद से गांव की बिजली आपूर्ति ठप थी। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विद्युत कर्मचारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद समय रहते लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज प्रभावित होने के साथ ही पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो रही थी।

ग्रामीणों का कहना था कि समस्या का समाधान न होने से उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए टूटी एलटी लाइन को तत्काल दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की मांग की।जाम की सूचना मिलने पर पुलिस चौकी ऊंचागांव के हेड कांस्टेबल राम स्वरूप यादव पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने के साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद विद्युत विभाग की ओर से लाइन की जांच कराकर टूटी हुई एलटी लाइन को दुरुस्त कराया गया और गांव की विद्युत आपूर्ति पुनः शुरू कराई गई।
विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और सड़क से जाम हटवाया। इसके बाद मार्ग पर वाहनों का आवागमन सुचारु हो सका।वहीं, जाम में फंसी एक स्कूली बस के कर्मचारी ने बताया कि करीब दो घंटे तक मार्ग बाधित रहने के कारण बस में सवार स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच बच्चे बस में परेशान रहे। पुलिस के मौके पर पहुंचने और रास्ता खाली कराने के बाद बस समेत अन्य वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिलने पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को बिजली संकट के साथ-साथ सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

