जवाली से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर मरियाना पंचायत के समीप लगभग 50 मीटर सड़क बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है, लेकिन वर्षों से इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान सालभर जलभराव से ग्रसित रहता है, चाहे बरसात हो या न हो। परिणामस्वरूप यहां गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें दोपहिया और भारी वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।
रात के समय यह स्थान और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि अंधेरे में ड्राइवरों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता।
सड़क के किनारे लगातार भू-स्खलन (स्लाइडिंग) का खतरा भी मंडरा रहा है और यदि इसे जल्द नहीं सुधारा गया तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है — विशेषकर भारी वाहनों के लिए यह क्षेत्र एक जिंदा खतरा बन चुका है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता पर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बाद भी न तो निरीक्षण हुआ और न ही कोई ठोस कार्यवाही।
जनता की मांग:
इस स्थान का स्थायी समाधान तुरंत निकाला जाए
जलनिकासी की उचित व्यवस्था की जाए
रोड के किनारे सुरक्षात्मक बैरियर लगाए जाएं
रात को संकेतक/रिफ्लेक्टर लाइट की व्यवस्था की जाए हिमाचल प्रदेश सरकार व प्रशासन से अपील है कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर देखें, वरना कोई बड़ा हादसा प्रशासन की नींद को तोड़ेगा।








