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दिशा बैठक में विकास पर सियासी मंथन, सांसद ने अधिकारियों से मांगा हिसा

RamParkash Vats
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केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी पर सांसद सख्त, 15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा; कांग्रेस सरकार के प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

दिशा बैठक में सांसद का सख्त तेवर, विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों से मांगा हिसाब

केंद्र की योजनाओं पर सियासी फोकस, सांसद भारद्वाज ने कसा शिकंजा—15 दिन में फिर होगी विकास की परीक्षविकास के मोर्चे पर सरकार-प्रशासन की घेराबंदी! दिशा बैठक में लंबित योजनाओं पर सांसद ने तय की जवाबदेही

संसदीय क्षेत्र कांगड़ा-चंबा से चीफ रिपोर्टर — विनय महाजन

हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण रही। कांगड़ा-चंबा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, सांसद निधि से स्वीकृत कार्यों में देरी, सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, सीवरेज और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।

बैठक में कांगड़ा विधायक पवन काजल, नूरपुर विधायक रणवीर निक्का, जिला परिषद अध्यक्ष सीमा देवी, महापौर शमशेर नेहरिया, नगर निगम आयुक्त जफर इकबाल, एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा, एसपी देहरा संदीप धवल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

राजनीतिक दृष्टि से बैठक का सबसे अहम पहलू यह रहा कि सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं करने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा लंबित मामलों की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए।

सांसद निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित योजनाओं, स्वीकृति के बावजूद शुरू नहीं हुए कार्यों तथा भूमि और फिजिबिलिटी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा। हैंडपंप, सामुदायिक भवन, सड़क, सुरक्षा दीवार और इंडोर स्टेडियम सहित अनेक कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। सांसद ने अधिकारियों से देरी का स्पष्ट कारण बताने को कहा।

बैठक में डॉ. भारद्वाज ने दावा किया कि सांसद निधि की राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली मॉनिटरिंग में कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। राजनीतिक तौर पर इसे केंद्र की योजनाओं और सांसद निधि के माध्यम से क्षेत्र के विकास को लेकर भाजपा के पक्ष को मजबूत करने वाले दावे के तौर पर भी देखा जा रहा है।

फोरलेन परियोजना को लेकर भी सांसद ने प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चक्की से परौर तक फोरलेन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। ऐसे में सड़क और अधोसंरचना के क्षेत्र में केंद्र सरकार की परियोजनाओं को गति मिलने का संदेश बैठक से देने का प्रयास किया गया।

स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा में टीबी उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, सर्पदंश और डॉग बाइट के मामलों की स्थिति पर चर्चा हुई। टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आधारभूत ढांचे, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

बिजली क्षेत्र में आरडीएसएस के तहत चल रहे कार्यों पर भी सांसद ने अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने बताया कि जिले में अधिकांश स्थानों पर सिविल कार्य अंतिम चरण में हैं। लंबित कार्यों में तेजी लाने और स्मार्ट मीटरिंग की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए।

सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए शाहपुर, रहेलू और नागाबाड़ी में संभावित ब्लैक स्पॉट की तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए गए। अंडरपास तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

सांसद ने धर्मशाला, नूरपुर और देहरा सर्कल की योजनाओं की प्रगति का आंकड़ा भी सामने रखा। धर्मशाला सर्कल में प्रस्तावित 129 में से 81 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। नूरपुर सर्कल में 68 में से 61 और देहरा में 25 में से 17 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के जरिए विकास कार्यों की गति को जनता के सामने रखने का प्रयास किया गया।

नूरपुर और जसूर की सीवरेज परियोजनाएं भी बैठक के एजेंडे में रहीं। सांसद ने नूरपुर के बरंडा में सीवरेज कार्य दिसंबर तक पूरा करने तथा जसूर एसटीपी के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़ा विषय रहा है।

बैठक की राजनीतिक अहमियत इस बात से भी बढ़ गई कि सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बैठक में उठाए गए प्रत्येक मुद्दे की कार्रवाई रिपोर्ट तैयार की जाए। करीब 15 दिन बाद दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागवार प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। यानी अब केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनके धरातल पर उतरने की स्थिति पर भी जवाबदेही तय करने का प्रयास होगा।

दिशा बैठक में धर्मशाला स्मार्ट सिटी, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, बागवानी तथा पशुपालन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उद्योग विभाग की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना पर चर्चा के दौरान ऋण और सब्सिडी जारी करने में हो रही देरी की शिकायतें भी सामने आईं। सांसद ने लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने तथा बैंक स्तर पर प्रायोजन में आ रही समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए।

कुल मिलाकर दिशा बैठक केवल सरकारी योजनाओं की सामान्य समीक्षा तक सीमित नहीं रही। बैठक के माध्यम से केंद्र की योजनाओं की उपलब्धियों को सामने रखने के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर होने वाली देरी के लिए जवाबदेही तय करने का राजनीतिक संदेश भी दिया गया। अब 15 दिन बाद होने वाली समीक्षा बैठक पर निगाहें रहेंगी कि जिन कार्यों में देरी सामने आई है, उनमें वास्तव में कितनी प्रगति होती है।

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