*महमूदाबाद, सीतापुर,राज्य चीफ ब्यूरो-अनुज कुमार जैन
महमूदाबाद शहर की जाम समस्या अब लोगों की आदत नहीं बल्कि बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। सोमवार को शहर में ऐसा भीषण जाम लगा कि ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। हालत यह रही कि ट्रैफिक संभालने में लगे पुलिस जवान भी बेबस दिखाई दिए और सड़कों पर वाहन रेंगते रहे।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि एक एम्बुलेंस भी इस जाम के झाम में घंटों फंसी रही। सायरन बजता रहा लेकिन सड़क पर इतनी अव्यवस्था थी कि उसे निकलने तक का रास्ता नहीं मिल सका। लोगों की निगाहें एम्बुलेंस पर टिकी रहीं लेकिन जाम ऐसा कि हर कोई लाचार दिखा।शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाजार क्षेत्र में हालात इतने खराब हो गए कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया।

दुकानदार, राहगीर और स्कूली बच्चे तक परेशान दिखाई दिए।इसी जाम में संकटा मंदिर समिति के अध्यक्ष व सीता स्कूल मैनेजमेंट के प्रबंधक रमेश बाजपेयी भी करीब पौन घंटे तक फंसे रहे। आम लोगों का कहना है कि जब शहर के जिम्मेदार और प्रतिष्ठित लोग ही जाम से नहीं बच पा रहे, तो आम जनता की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में बढ़ते अतिक्रमण, बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन और ट्रैफिक व्यवस्था की कमजोर प्लानिंग के कारण रोजाना हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कई बार शिकायतों और चर्चाओं के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।महमूदाबाद की जनता अब पूछ रही है —“क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?”
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