Reading: डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना ने सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया

डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना ने सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया

RamParkash Vats
2 Min Read

PHOTO BY PIB

भारत का रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर ऐतिहासिक कदम

Delhi / 09/05/2026/ NIAT: भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 7 मई 2026 को ओडिशा तट पर सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन (टीएआरए) हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। यह सफलता भारत की स्वदेशी सैन्य तकनीक और रक्षा शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली मानी जा रही है।

टीएआरए भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है, जिसे एक मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट के रूप में विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह साधारण अनिर्देशित वारहेड को अत्याधुनिक सटीक निर्देशित हथियार में बदल देती है। इससे कम लागत में अधिक दूरी तक सटीक हमला संभव होगा, जो आधुनिक युद्ध प्रणाली में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस अत्याधुनिक प्रणाली को इमारात अनुसंधान केंद्र (आरसीआई) ने डीआरडीओ की अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से डिजाइन और विकसित किया है। इसके निर्माण में भारतीय उद्योगों और विकास सह उत्पादन साझेदारों की अहम भूमिका रही है। इस परियोजना का उत्पादन कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिससे “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को और मजबूती मिलेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना और उद्योग जगत को बधाई देते हुए इसे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। वहीं डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफल परीक्षण को भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत का परिणाम बताया।

टीएआरए का सफल परीक्षण यह साबित करता है कि भारत अब रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं आधुनिक हथियार प्रणाली विकसित करने की क्षमता हासिल कर चुका है। यह उपलब्धि भविष्य में भारत को वैश्विक रक्षा तकनीक के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!