BHARMAD/27 APRIL 2026/ EDITOR RAM PARKASH VATS
दी सहकारी सभा भरमाड में आज प्रैस क्लब ज्वाली के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में सभा की प्रबंधक कमेटी ने हाल ही में प्रकाशित एक समाचार को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया। कमेटी सदस्यों ने कहा कि उक्त समाचार के माध्यम से न केवल सोसायटी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है, बल्कि इससे आर्थिक स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
सभा के सचिव ने प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि एक स्थानीय समाचार पत्र में यह खबर प्रकाशित की गई थी कि दी कृषि सभा भरमाड के कार्यालय में छापेमारी की गई है तथा सोसायटी का रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि वास्तविकता में ऐसा कोई भी घटनाक्रम नहीं हुआ है। सचिव ने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक खबरें समाज में भ्रम फैलाने के साथ-साथ संस्थान की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं।
सोसायटी के प्रधान साधू राम राणा ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायालय के आदेशों के तहत सोसायटी की विधिवत जांच की गई थी, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो कोई रिकॉर्ड जब्त किया गया और न ही किसी प्रकार की दबिश दी गई। प्रधान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर सोसायटी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने आगे कहा कि दी सहकारी सभा भरमाड एक आदर्श संस्था के रूप में वर्षों से कार्य कर रही है और इस प्रकार के झूठे समाचार उसके मूल्यों और प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ करने के समान हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सोसायटी ऐसे भ्रामक और तथ्यहीन समाचार प्रकाशित करने वाले पत्रकारों और संबंधित मीडिया संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।
उपप्रधान रवि चौधरी ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गलत खबरों के कारण सोसायटी की साख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि समाचार प्रकाशित होने के बाद कई सदस्य अपने जमा धन को निकालने के लिए सोसायटी में पहुंच रहे हैं, जिससे आर्थिक दबाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस प्रकार की अफवाहों पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसका दूरगामी असर संस्था की स्थिरता पर पड़ सकता है।

