नूरपुर 28/03/2026/ब्यूरो चीफ विजय समयाल

जिला पुलिस नूरपुर में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस की सख्ती अब बड़ा जनमुद्दा बनती जा रही है। जिला पुलिस द्वारा खड्डों और नदी-नालों से रेत-बजरी निकालने के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत नियमों की अवहेलना करने वाले ट्रैक्टर चालकों के चालान काटे जा रहे हैं और उनके वाहनों को जब्त कर अदालत में पेश किया जा रहा है।

इस कार्रवाई से ट्रैक्टर चालकों और छोटे किसानों में भारी नाराजगी फैल गई है। उनका कहना है कि रेत-बजरी का काम ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इस तरह की सख्ती से उनका रोजगार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
रैली में उमड़ा आक्रोश, सड़कों पर उतरे सैकड़ों चालक
इसी के विरोध में फतेहपुर, नूरपुर, जवाली और इंदौरा क्षेत्रों के ट्रैक्टर चालक सड़कों पर उतर आए और नूरपुर से तलाड़ा तथा भरमाड़ से रैहन तक रैली निकाली। रैली के बाद तलाड़ा ग्राउंड में जोरदार प्रदर्शन किया गया,

जहां सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर चालकों और मालिकों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं,

लेकिन लगातार चालान और ट्रैक्टर जब्त होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदे हैं और किस्तें चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। चालकों ने स्पष्ट किया कि वे अवैध कार्य के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की सख्ती उन्हें बर्बादी की ओर धकेल रही है।

पठानिया की चेतावनी, आंदोलन तेज करने की तैयारी
गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पूर्व भी ट्रैक्टर चालक और मालिक पूर्व मंत्री एवं भाजपा के प्रदेश प्रबक्ता राकेश पठानिया से मिले थे, जहां उन्होंने प्रशासन और पुलिस के प्रति अपना रोष प्रकट किया था। उस दौरान भी पठानिया ने ट्रैक्टर चालकों की आवाज बुलंद करते हुए सख्त चेतावनी दी थी।

अब एक बार फिर प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने पुलिस कार्रवाई को छोटे किसानों और ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। वहीं प्रदर्शनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजर अंदाज किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

