शिमला ,07 मार्च 2026,राज्य ब्यूरो चीफ विजय समयाल
सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में पंचायत व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, ऊर्जा परियोजनाओं, हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा और विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने जैसे मुद्दों पर व्यापक फैसले किए गए।
सबसे पहले मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित संशोधनों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा।
इसके बाद बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसमें ‘निराश्रित’ शब्द की स्पष्ट परिभाषा तय की गई है। नए प्रावधानों के अनुसार वे महिलाएं जिन्हें उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें निराश्रित महिला माना जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े निर्णयों में मंत्रिमंडल ने एकमुश्त माफी योजना के बावजूद समय पर कार्य शुरू न करने वाली 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की स्वीकृति दी। साथ ही पंडोह में 10 मेगावाट की लघु जलविद्युत परियोजना को Bhakra Beas Management Board को आवंटित करने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी मिलेगी।
ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपने का निर्णय लिया गया।
परिवहन क्षेत्र में मंत्रिमंडल ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा को सप्ताह में तीन उड़ानों से बढ़ाकर 12 उड़ानें करने की मंजूरी दी। अब छह दिनों तक प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित होंगी और संचालन के लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग भी देगी।
इसके अतिरिक्त तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, शिक्षा और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों में अनेक रिक्त पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही हमीरपुर के खरीड़ी खेल छात्रावास का विस्तार, गगरेट में उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय की स्थापना और कोटखाई में नया केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए भूमि हस्तांतरण जैसे निर्णय भी लिए गए।
मंत्रिमंडल के इन फैसलों को प्रदेश के प्रशासनिक सुधार, ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

