JAWALI /06/01/2026/RAM PARKASH VATS
जवाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिद्बपुर-घाड़ के वार्ड नंबर 6 में बन रहे मोक्ष धाम को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 4.5 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस मोक्ष धाम पर भूमि स्वामित्व, पंचायत अनुमति और एनओसी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है।

GUDDI DEVI
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 6 की निवासी गुड्डी देवी ने बताया कि उन्होंने नवंबर माह में कुलदीप कुमार से पांच कनाल भूमि खरीदी है, जिसकी रजिस्ट्री भी विधिवत हो चुकी है। गुड्डी देवी का आरोप है कि जिस जमीन पर मोक्ष धाम का निर्माण हो रहा है, वही भूमि उन्हें दिखाई गई थी और उसी का सौदा हुआ था। रजिस्ट्री के बाद जब उन्होंने निर्माण कार्य रोकने को कहा, तो इसके बावजूद काम जारी रखा गया। फिलहाल पिलर खड़े हो चुके हैं और लेंटर डालने की तैयारी चल रही है।
गुड्डी देवी ने इस मामले में सोमवार को जवाली न्यायालय में स्टे के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही नहीं की जाती, तब तक मोक्ष धाम का निर्माण रोका जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह मोक्ष धामग्राम पंचायत भरमाड़ में स्वीकृत है, लेकिन निर्माण ग्राम पंचायत सिद्बपुर-घाड़की सीमा में किया जा रहा है, जो भरमाड़ पंचायत से करीब एक किलोमीटर दूरहै।

WAED SIX MAMBER BHARMAR PAWAN KUMAR
इस निर्माण की देखरेख भरमाड़ पंचायत के वार्ड सदस्य पवन कुमार द्वारा किए जाने की बात सामने आई है।जब इस मामले में सिद्बपुर-घाड़ पंचायत के सचिव सुशील कुमार से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि उनके कार्यकाल में कोई भी एनओसी जारी नहीं की गई है।वहीं पंचायत प्रधान पूनम धीमान ने भी स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में वार्ड नंबर 6 में मोक्ष धाम निर्माण के लिए कोई अनुमति या एनओसी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई जांच होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित पंचायत की होगी।भरमाड़ पंचायत के वार्ड सदस्य पवन कुमार ने कहा कि उन्होंने पंचायत प्रधान के कहने पर काम शुरू करवाया था और उन्हें एनओसी के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

SOCIAL WORKER MADAN KUMAR DHIMAN
इस मामले में समाजसेवी मदन कुमार धीमान ने बताया कि मोक्ष धाम का कार्य बरसात के दौरान शुरू किया गया था, उस समय गुड्डी देवी ने जमीन नहीं खरीदी थी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण स्थल गुड्डी देवी की भूमि निकलता है तो निर्माण हटाने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

LAND DONOR:-MAST RAM DHIMAN
भूमि दानकर्ता बताए जा रहे मस्त राम धीमान ने दावा किया कि जिस स्थान पर मोक्ष धाम बन रहा है, वह उनकी जमीन है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह भूमि गुड्डी देवी की साबित होती है, तो वे उतनी ही जमीन विनिमय (बदले में) देने को तैयार हैं।
*राजस्व अधिकारी सुभाष कुमार राणा ने बताया कि जमीन फिलहाल मस्त राम धीमान के नाम दर्ज है, लेकिन मोक्ष धाम के नाम कोई इंतकाल नहीं हुआ है, न ही मोक्ष धाम के नाम पर कोई भूमि दर्ज है।
**वहीं भरमाड़ पंचायत के प्रधान सुशील कुमार ने दावा किया कि उन्होंने पूर्व प्रधान से एनओसी ली थी और भूमि दानकर्ता मस्त राम से शपथ पत्र (एफिडेविट) भी लिया गया है।
****इस पूरे मामले पर खंड विकास अधिकारी जवाली मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोक्ष धाम का निर्माण तभी किया जा सकता है जब भूमि विधिवत मोक्ष धाम के नाम दर्ज हो। एनओसी की प्रक्रिया कार्य स्वीकृति के बाद होती है।फिलहाल, मोक्ष धाम निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है और सभी की निगाहें अब राजस्व जांच और न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई हैं।

