शिमला/19/09/2025/राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश में इस बार का मॉनसून कहर बनकर बरस रहा है। कभी बादल फटना, कभी भूस्खलन और अब जमीन धंसने की घटनाओं ने पहाड़ों पर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। जिला कांगड़ा के थुरल के पास बछवाई इलाके में लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में जमीन दस फुट तक धंस गई, जिससे लोग दहशत में हैं। खतरे को देखते हुए पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और वहां किसी भी आम व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं है।1 किमी. तक धंसी सड़क, दो हिस्सों में बंटा रास्ताभारी बारिश के बाद जमीन धंसने से सड़क दो हिस्सों में बंट गई है और बीच में करीब 15 फुट गहरी खाई बन गई है।

लोगों का कहना है कि 15 सितंबर की रात अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हुई। उसी दौरान जमीन बैठने लगी और देखते ही देखते गांव के कई मकान जमींदोज़ हो गए। 13 मकान जमींदोज़, गांववालों को सुरक्षित निकाला गयाबछवाई गरडेर गांव में 13 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। हालांकि, समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सेना और स्थानीय प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए गांववालों की मदद शुरू कर दी है। आर्मी के जवान प्रभावित परिवारों का सामान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं। वहीं आर्मी डॉक्टरों की टीम मेडिकल सुविधा भी मुहैया करा रही है।
दहशत और डर के साए में लोगगांववालों का कहना है कि रातभर बारिश के बीच वे एक-दूसरे को फोन कर एक-दूसरे को सतर्क करते रहे। सुबह होते-होते जमीन धंसने से उनके घर मलबे में तब्दील हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बिना भूस्खलन या पहाड़ टूटे भी पूरा गांव जमीन में समा सकता है।

