विजयदशमी के उत्सव में उमड़ने लगा जनसैलाब, राजा साहिब दशहरा एवं रामलीला क्लब ने की तैयारियां पूरी
नूरपुर से विनय महाजन—हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में विजयदशमी का ऐतिहासिक पर्व इस बार भी पुरातत्व विभाग के किले के प्रांगण में पारंपरिक उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शाम ढलने के साथ ही दशहरा मेले में लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग इस पारंपरिक उत्सव में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। पूरे शहर में दशहरे को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।
राजा साहिब दशहरा एवं रामलीला क्लब, नूरपुर की ओर से विजयदशमी समारोह की तैयारियां की गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी ऐतिहासिक किले के प्रांगण में दशहरा पर्व का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन नूरपुर की धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है। स्थानीय लोगों के सहयोग से आयोजित होने वाला यह उत्सव शहर की सामूहिक एकता और सामाजिक सहभागिता को भी दर्शाता है।
समारोह में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि विशाल चम्बियाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अजय महाजन तथा भाजपा विधायक रणवीर सिंह निक्का के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम है। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति से समारोह को विशेष महत्व मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
दशहरा मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा, व्यवस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु और शहरवासी शांतिपूर्ण वातावरण में उत्सव का आनंद ले सकें।
शहरवासियों के सहयोग से जीवंत है परंपरा
नूरपुर का दशहरा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व भी है। इस आयोजन को आरके महाजन परिवार तथा शहरवासियों के सहयोग से आयोजित किया जाता है। स्थानीय लोगों की सहभागिता इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। नूरपुर के ऐतिहासिक किले के प्रांगण में आयोजित यह समारोह नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है।

