Reading: नूरपुर में जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले—चार साल में लिए कर्ज पर सरकार दे जवाब

नूरपुर में जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले—चार साल में लिए कर्ज पर सरकार दे जवाब

RamParkash Vats
4 Min Read

संस्थान बंद करने और बदले की राजनीति के लगाए आरोप, बोले—जनता के हितों से दूर है व्यवस्था परिवर्तन की सरकार

नूरपुर से विनय महाजन।नूरपुर में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संभालने के बाद से ही सरकार ने संस्थानों को बंद करने और बदले की भावना से फैसले लेने की राजनीति शुरू कर दी थी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में इससे पहले इस तरह की स्थिति देखने को नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के गठन से पहले ही सरकारी संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उनके अनुसार, सरकार के शुरुआती फैसलों ने प्रदेश के लोगों में निराशा पैदा की और विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े किए।

कर्ज के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सुक्खू सरकार पर कर्ज लेने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने अपने लगभग चार साल के कार्यकाल में जितना कर्ज लिया है, उतना प्रदेश की पिछली छह सरकारों ने मिलकर भी नहीं लिया था।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को प्रदेश की आर्थिक स्थिति और बढ़ते कर्ज को लेकर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार को यह बताना चाहिए कि कर्ज के माध्यम से जुटाए गए संसाधनों का उपयोग किन विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर किया गया है।

‘व्यवस्था परिवर्तन’ पर उठाए सवाल

जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं कर रही है और उसके फैसलों का असर प्रदेश के लोगों पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को संस्थानों को बंद करने और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय रोजगार, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार से बड़ी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं।

सरकार की नीतियां बनीं राजनीतिक बहस का मुद्दा

नूरपुर में जयराम ठाकुर के बयान से प्रदेश में संस्थानों को बंद करने, सरकारी कर्ज और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की नीति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस एक बार फिर सामने आई है।

हालांकि, कर्ज से संबंधित उनके दावे की पुष्टि के लिए संबंधित वित्तीय वर्षों के सरकारी आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन आवश्यक है। वहीं, संस्थानों को बंद करने संबंधी फैसलों पर सरकार का पक्ष और उनके पीछे बताए गए प्रशासनिक कारण भी इस बहस के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

नूरपुर से विनय महाजन की रिपोर्ट।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!