हाथीधार पंचायत में पहुंचा ‘चिट्टा मुक्त नूरपुर’ अभियान, घर-घर जाकर लोगों को किया जागरूक

आइडिया ऑफ भारत फाउंडेशन की 15वीं पंचायत में दस्तक, टिक्का नगरोटा स्कूल में विद्यार्थियों को भी नशे से दूर रहने का संदेश

नूरपुर। नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से आइडिया ऑफ भारत फाउंडेशन का 60 दिवसीय ‘चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर’ अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में फाउंडेशन की ओर से नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की हाथीधार पंचायत में घर-घर संपर्क अभियान चलाया गया। यह अभियान के तहत कवर की गई 15वीं पंचायत रही। इस दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया और नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया गया।

अभियान के दौरान ग्रामीणों को नशे के कारण व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने, उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता का वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया।

इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रधान भावना महाजन, कुलदीप ठाकुर, विक्की सिंह एवं हरनाम सिंह ने सहभागिता निभाई। सभी ने नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सही दिशा देने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
टिक्का नगरोटा स्कूल में विद्यार्थियों को दिया जागरूकता का संदेश
अभियान के अंतर्गत टिक्का नगरोटा स्कूल में विद्यार्थियों के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य अम्बिका देवी सहित अध्यापक उपस्थित रहे। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने भविष्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों और युवाओं को सही समय पर मार्गदर्शन मिले तथा वे अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं। विद्यालय और परिवार के सहयोग से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
परिवार, विद्यालय और समाज की भूमिका अहम : राहुल शर्मा

आइडिया ऑफ भारत फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार, विद्यालय और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों और युवाओं को सही समय पर मार्गदर्शन देने के साथ उनके साथ निरंतर संवाद बनाए रखना जरूरी है, ताकि उन्हें नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य पंचायत स्तर पर जनसंवाद को मजबूत करना और समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ना है। नशे के खिलाफ जागरूकता तभी व्यापक रूप ले सकती है, जब ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन मिलकर प्रयास करें।
हाथीधार पंचायत में चलाया गया यह अभियान नशे के विरुद्ध सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश लेकर पहुंचा। फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे 60 दिवसीय अभियान के माध्यम से पंचायत स्तर पर लोगों से संपर्क स्थापित कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता बढ़ा

