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दो साल बाद भी अधूरी है संगड़ाह में जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह की घोषणा

RamParkash Vats
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घोषणा के दो वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं शुरू हुआ काम, स्थानीय लोगों ने सरकार से मांगा जवाब

संगड़ाह, 24 सितंबर। संगड़ाह में जल शक्ति विभाग का विश्राम गृह बनाने की घोषणा को दो वर्ष पूरे होने के बावजूद यह योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति विभाग के मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 23 सितंबर 2024 को माईना बाग में पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह की जयंती एवं पुण्यतिथि समारोह के दौरान मंच से संगड़ाह में जल शक्ति विभाग का विश्राम गृह बनाने तथा नौहराधार में बस अड्डा बनाने की घोषणा की थी। दो वर्ष बाद बुधवार को नौहराधार बस अड्डे का शिलान्यास तो कर दिया गया, लेकिन संगड़ाह के प्रस्तावित जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह को लेकर कार्यक्रम में कोई उल्लेख नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों के अनुसार संगड़ाह उपमंडल मुख्यालय होने के कारण यहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का नियमित आना-जाना रहता है। वर्तमान में अधिकारियों व कर्मचारियों के ठहरने के लिए मुख्य रूप से लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह ही उपलब्ध है। जल शक्ति विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग विश्राम गृह की आवश्यकता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने लंबे समय से इसकी मांग उठाई थी। इसी मांग के आधार पर वर्ष 2024 में उपमुख्यमंत्री की ओर से घोषणा की गई थी, लेकिन घोषणा के बाद अब तक निर्माण कार्य शुरू न होने से लोग इसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी विकास कार्य की घोषणा के बाद उसके लिए भूमि चयन, बजट प्रावधान, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृतियां और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ना आवश्यक है। ऐसे में दो वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी यदि योजना प्रारंभिक स्तर से आगे नहीं बढ़ी है तो संबंधित विभाग को इसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लोगों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि प्रस्तावित विश्राम गृह के लिए अब तक क्या कार्रवाई हुई, कितना बजट स्वीकृत हुआ और निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
संगड़ाह क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं से जुड़ी एक अन्य घोषणा भी स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों के अनुसार संगड़ाह-राजगढ़-शिमला बस सेवा को दोबारा शुरू करने की घोषणा भी की गई थी, लेकिन यह सेवा अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के लिए सड़क, परिवहन और विभागीय सुविधाएं सीधे तौर पर आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हैं। इसलिए केवल घोषणाओं के बजाय इनके लिए समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
लोगों ने सरकार से मांग की है कि संगड़ाह में जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह और संगड़ाह-राजगढ़-शिमला बस सेवा से संबंधित घोषणाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही लंबित योजनाओं के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें निर्धारित समय में धरातल पर उतारा जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को घोषणाओं के बजाय वास्तविक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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