Reading: **जन्माष्टमी ने दिखाई आस्था के साथ-साथ संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की तस्वीर **

**जन्माष्टमी ने दिखाई आस्था के साथ-साथ संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की तस्वीर **

RamParkash Vats
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न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

राज्य स्तर पर दो दिवसीय जन्माष्टमी पर मेल को लेकर के नूरपुर में दो दिन तक ऐसा माहौल रहा मानो पूरा शहर कृष्ण की भक्ति में डूब गया हो। मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, गलियों-बाजारों में गूंजता श्रीकृष्ण का जयघोष और सेवा में जुटे सैकड़ों हाथ—यह नजारा किसी सामान्य धार्मिक आयोजन से कहीं बड़ा था। लेकिन जिस प्रकार इस मंदिर में इस बार सियासी राज नेताओं के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को दरकिनार करके नेताओं को पहले दर्शन करने का मौका दिया गया उसके बारे में कई चर्चाएं जनता की जुबान पर चर्चा का विषय अवश्य बनाl जन्माष्टमी की सबसे बड़ी खूबसूरती रही कि यहां भक्ति दिखाई कम और महसूस अधिक हुई।

हर साल की तरह इस साल भी आर.के. महाजन परिवार द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से लगाए गए दो दिवसीय फलाहार स्टाल इस सेवा भावना का जीवंत उदाहरण बने। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ के बीच फलाहार और खाने-पीने की व्यवस्था जिस आत्मीयता और श्रद्धा से की गई, अपितु ‘अतिथि के रूप की भावना का साक्षात रूप मे देखने को मिली । सेवा में जुटे लोग लगातार फलाहार परोसते, पानी पिलाते और श्रद्धालुओं का अपनत्व से स्वागत करते रहे।इस प्रयास ने जन्माष्टमी की आस्था को जनसेवा से जोड़कर उसे और अर्थपूर्ण बना दिया।

नूरपुर की जन्माष्टमी ने इसी भावना को मजबूत किया। प्रशासन ने व्यवस्थाएं संभालीं, मंदिर कमेटी ने जिम्मेदारी निभाई, लेकिन आयोजन को आत्मीयता समाज ने दी। नूरपुर की सजावट ने भी उत्सव को अलग पहचान को क़ायम रखने हेतु हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे शहर को वृंदावन की तर्ज पर रोशनी से सजाने का प्रयास श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना। जगमगाता शहर केवल सुंदर नहीं लग रहा था, सांस्कृतिक मंच पर अपनी मिट्टी की खुशबू भी महसूस हुई।प्रदेश के इंडियन आइडल फेम अनुज शर्मा, कुखेड़ गांव के बॉलीवुड गायक डॉ. गगन सिंह,

चंबा के लोकगायक काकू राम ठाकुर और कांगड़ा के कुमार साहिल जैसे कलाकारों को मंच देना आयोजन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।महोत्सव के पीछे काम करने वाले वे लोग भी इस सफलता के बराबर हकदार हैं, जो मंच पर दिखाई नहीं दिए। जन्माष्टमी की इस ऊर्जा को नूरपुर के स्थायी विकास से जोड़ा जाए। श्री बृजराज स्वामी मंदिर, नूरपुर किला और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं रखते हैं। जन्माष्टमी में उमड़ने वाली भीड़ इसका प्रमाण है।

यदि मंदिर, विरासत, स्थानीय कलाकारों और पर्यटन को एक योजना के तहत विकसित किया जाए तो रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। मंदिर कमेटी ने तो इसको आधुनिक रूप में विकसित कर दिया है लेकिन अभी मामला अदालत में विचारधीनहैl *यह मंदिर पुरातत्व विभाग के किले में स्थित है और इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि किले से लेकर मंदिर तक पक्की सड़क का ना होना विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में इस मेले का शुभारंभ किया उन्होंने भी आश्वासन दिया कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करेंगे जो सबसे बड़ी समस्या है l हर साल सत्ता में आसीन नेता आश्वासन देते हैं इस मामले में लेकिन धरातल पर अभी यह मामला लटका हुआ है l

* ** इस विषय में नगर परिषद अध्यक्षा नीति महाजन महाजन ने सभी लोगों व प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हम समस्त जनता के आभारी है जिन्होंने दो दिवसीय जन्माष्टमी मेले में अनुशासन और शिष्टाचार और मधुरता का परिचय दिया है और इस मेले को पूर्णता कामयाब किया है l गौरतलव है कि नीति महाजन जो नगर परिषद नूरपुर की अध्यक्षता है वहआर के महाजन परिवार की पुत्रवधू जिनके पति गौरव महाजन पूर्व नगर पार्षद नगर परिषद में रह चुके हैंl **

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