Reading: हिमाचल में दिवाली से लॉटरी शुरू करने पर बवाल, जयराम बोले- ‘सरकार अपने निजी फायदे के लिए युवाओं को बर्बाद कर रही, सरकार का तर्क युवाओ को जुए और सट्टेबाजी से दूर रखने के लिए SOP के साथ शुरू होगी लॉटरी।

हिमाचल में दिवाली से लॉटरी शुरू करने पर बवाल, जयराम बोले- ‘सरकार अपने निजी फायदे के लिए युवाओं को बर्बाद कर रही, सरकार का तर्क युवाओ को जुए और सट्टेबाजी से दूर रखने के लिए SOP के साथ शुरू होगी लॉटरी।

RamParkash Vats
3 Min Read

हिमाचल प्रदेश में दिवाली से लॉटरी शुरू करने के सरकार के फैसले को लेकर सियासत गरमा गई है। विपक्षी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी निजी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लॉटरी फिर से शुरू कर रही है जबकि सरकार के तर्क है कि कई राज्यों में लौटरी वैध रूप से चल रही ये इससे सरकार को राजस्व भी मिल रहा है उसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी SOP के साथ लॉटरी शुरू की जाएगी।

…जयराम ठाकुर नेता विपक्ष

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लॉटरी के कारण पहले हिमाचल में कई घर बर्बाद हुए थे। कई लोगों ने अपनी जमीन तक बेच दी थी। भाजपा सरकार ने इसी कारण इसे बंद किया था। लॉटरी भी चिट्टे के नशे से कम नहीं है। एक बार व्यक्ति को इसकी लत लग जाए तो वह बर्बाद होने तक नहीं छोड़ता। सुखु सरकार अपनी निजी फायदे के लिए लॉटरी शुरू कर रही है और हवाला प्रदेश की आर्थिक स्थिति का दे रही है।

…जयराम ठाकुर नेता विपक्ष

हकीकत यह है कि सरकार प्रदेश की नहीं, अपनी निजी आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं होगा।उन्होंने मांग की कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले। जयराम ने कहा कि जिस कंपनी को लॉटरी का टेंडर मिला है, वह आगे चलकर जांच का विषय बनेगा। सुक्खू सरकार हिमाचल के युवाओं को बर्बाद करने के लिए लॉटरी शुरू कर रही है

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान

हीं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सिंगल लाइन या सिंगल डिजिट लॉटरी शुरू नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों को जुए और सट्टेबाजी की लत से बचाना है। हालांकि, वैध और नियंत्रित लॉटरी के जरिए प्रदेश की आय बढ़ाने की योजना पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।हर्षवर्धन चौहान के मुताबिक, केरल और पंजाब की तर्ज पर लॉटरी शुरू कर हिमाचल सरकार ने करीब 100 करोड़ रुपये सालाना कमाई का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लॉटरी से जुड़े कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया गया है। अध्ययन के बाद स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तैयार कर ली गई है और संबंधित फाइल को अब वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
अब देखना होगा कि वित्त विभाग की मंजूरी के बाद सरकार इस योजना को कब तक अमल में लाती है और इससे सरकारी खजाने को कितनी कमाई होती है।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!