प्रधान सुरेश खट्टा ने रामलीला ग्राउंड निर्माण के लिए ₹2 लाख देने की घोषणा, मंदिर प्रबंधन कमेटी ने पंचायत प्रतिनिधियों को किया सम्मानित

भरमाड़ (ज्वाली)। ग्राम पंचायत भरमाड़ स्थित प्राचीन सिद्ध बाबा शिब्बो थान मंदिर में श्रावण एवं भाद्रपद मास के पावन दो मासिय मेलों का शुभारंभ रविवार को वैदिक पूजा-अर्चना, हवन एवं पारंपरिक झंडा रस्म के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
मेले का शुभारंभ ग्राम पंचायत भरमाड़ के प्रधान सुरेश खट्टा ने पंचायत प्रतिनिधियों एवं मंदिर प्रबंधन कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा शिब्बो थान के दरबार में मत्था टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सुरेश खट्टा ने मंदिर परिसर में रामलीला ग्राउंड के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत की ओर से ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा का उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।

इस अवसर पर को-ऑपरेटिव सोसायटी के सचिव हरदेव सिंह ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर को एक कूलर भेंट किया। मंदिर प्रबंधन कमेटी ने इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन कमेटी ने पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। ग्राम पंचायत भरमाड़ को सिद्ध बाबा शिब्बो थान मंदिर का पवित्र चित्र भेंट किया गया। प्रधान सुरेश खट्टा तथा वाइस चेयरमैन मदन लाल चौधरी को टोपी, पटका एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पंचायत के उपप्रधान राजिन्द्र सिंह बुगा, वाइस चेयरमैन मदन लाल चौधरी, पंच सुशील शर्मा, तृप्ता देवी, विजय कुमार, शिव व्यक्ति लाल तथा अजय उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मंदिर से जुड़ी लोकमान्यता के अनुसार सिद्ध बाबा शिब्बो थान के दरबार में विष, रोग एवं विभिन्न प्रकार की व्याधियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि जाहिर वीर ने बाबा शिब्बो थान को यह वरदान दिया था

कि यहां आने वाले प्रत्येक प्राणी ही नहीं, बल्कि वृक्षों के कष्ट भी दूर होंगे। इसी आस्था के चलते श्रावण एवं भाद्रपद मास के प्रत्येक रविवार को यहां दो मासिय मेले आयोजित किए जाते हैं, जिनमें दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

कार्यक्रम में महंत सतीश वत्स, महंत राम प्रकाश वत्स, महंत रविन्द्र नाथ वत्स, महंत राम कृष्ण, महंत सुमित वत्स, महंत बालकृष्ण, जोगिंद्र नाथ सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।

