Reading: कन्नौज में पुतला दहन को लेकर सियासी टकराव, मुकेश पाल के साथ मारपीट; चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

कन्नौज में पुतला दहन को लेकर सियासी टकराव, मुकेश पाल के साथ मारपीट; चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

RamParkash Vats
3 Min Read

अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव का पुतला फूंकने पहुंचे थे हिंदुस्तान आजाद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पुलिस ने कराया चिकित्सकीय परीक्षण

कन्नौज में पुतला दहन को लेकर सियासी टकराव, मुकेश पाल से मारपीट का आरोप

तीन सपा नेताओं सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

देखते ही देखते विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया।

न्यूज इंडिया आजतक
उत्तर प्रदेश से राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन

कन्नौज (उत्तर प्रदेश)। कन्नौज के मकरंदनगर तिराहे पर शनिवार को पुतला दहन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। हिंदुस्तान आजाद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश पाल देशबंधु द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का पुतला दहन करने के दौरान सपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया।

पुतला दहन के दौरान बढ़ा विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुकेश पाल देशबंधु मकरंदनगर तिराहे पर पुतला दहन करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उनकी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि कहासुनी के बीच कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में एक महिला नेता सहित कुछ लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

घटना के बाद मुकेश पाल ने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार को प्रार्थना पत्र देकर तीन सपा नेताओं और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर सदर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 352 और 351(2) के तहत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मुकेश पाल को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भी भेजा।

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पूरे मामले में दोनों पक्षों की भूमिका और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!