मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के दौरान हुआ हादसा, झंडे लगाते समय बिजली की तार की चपेट में आए युवा नेता; दो वर्षीय बेटे के सिर से उठा पिता का साया
भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की होली घाटी से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा बुधवार देर रात उस समय हुआ, जब वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रस्तावित दौरे को लेकर स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। झंडे लगाते समय अचानक बिजली की तार की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर होली घाटी में स्वागत की तैयारियां की जा रही थीं। इसी दौरान चंद्रमणि कुलेठी झंडे लगाने के कार्य में जुटे हुए थे। बताया जा रहा है कि इसी समय वह बिजली की तार के संपर्क में आ गए और करंट लगने से उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। हालांकि, हादसे से जुड़े सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तीन साल पहले हुई थी शादी, दो वर्षीय बेटे के सिर से उठा पिता का साया
चंद्रमणि कुलेठी के असामयिक निधन ने उनके परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है। बताया जाता है कि उनकी शादी करीब तीन साल पहले हुई थी और उनका एक दो वर्षीय बेटा है। जिस उम्र में परिवार के सपनों को साकार करने और बच्चे के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारियां आगे बढ़ती हैं, उसी समय परिवार को इस अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ा है।
इस हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ओर परिवार अपने प्रिय सदस्य को खोने के सदमे से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। चंद्रमणि के अचानक चले जाने से उनके परिवार, मित्रों और संगठन से जुड़े लोगों को गहरा आघात पहुंचा है।
युवा कांग्रेस संगठन में शोक, राजनीतिक और सामाजिक जगत ने जताया दुख
चंद्रमणि कुलेठी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में संगठन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवा साथियों में शोक व्याप्त हो गया। क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया।
किसी युवा कार्यकर्ता का इस तरह अचानक दुनिया से चले जाना उसके परिवार के साथ-साथ उन सभी लोगों के लिए भी गहरा आघात होता है, जो उसके साथ सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में जुड़े रहे हों। चंद्रमणि कुलेठी के निधन से होली घाटी और भरमौर क्षेत्र में शोक का माहौल है।
विद्युत बोर्ड की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दुखद हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने विद्युत बोर्ड की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बिजली की तारों के आसपास काम करते समय सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना आवश्यक है। यदि जांच में सुरक्षा संबंधी किसी चूक की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाना महत्वपूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी चंद्रमणि कुलेठी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए इस कठिन समय में परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की तथा दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
चंद्रमणि कुलेठी का असामयिक निधन एक परिवार के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनके पीछे पत्नी और छोटा बेटा रह गए हैं। होली घाटी में इस घटना को लेकर गहरा दुख व्याप्त है और क्षेत्रवासी शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

