86.34 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल, दूरी 25 से घटकर 16 किलोमीटर रह जाएगी; कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
ज्वाली। नगरोटा सूरियां और ज्वाली क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति देने की दिशा में गज्ज खड्ड पर निर्माणाधीन पुल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 86.34 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल के निर्माण से दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा। साथ ही, स्थानीय व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने संबंधित निर्माण कंपनी तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुल का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके।
25 किलोमीटर की दूरी घटकर 16 किलोमीटर रह जाएगी
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि गज्ज खड्ड पर पुल बनने से नगरोटा सूरियां से ज्वाली के बीच की दूरी लगभग 25 किलोमीटर से घटकर 16 किलोमीटर रह जाएगी। इससे लोगों को आने-जाने में कम समय लगेगा और यात्रा पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क का सीधा लाभ विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, किसानों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को मिलेगा। दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होने से स्थानीय लोगों को परिवहन संबंधी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होती है, बल्कि बाजारों तक पहुंच, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
पर्यटन गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि गज्ज खड्ड पुल नगरोटा सूरियां क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और बेहतर सड़क संपर्क इन संभावनाओं को साकार करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने कहा कि नगरोटा सूरियां और ज्वाली के बीच संपर्क मजबूत होने से पर्यटकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक होगी। इससे आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो सकती है तथा स्थानीय स्तर पर होटल, ढाबा, परिवहन, दुकानदारों और अन्य छोटे व्यवसायों को लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों में विस्तार होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही आजीविका के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता
कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क संपर्क और पुलों का निर्माण विकास की प्रक्रिया को गति देने के साथ लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को कार्यों की नियमित निगरानी करनी चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है, ताकि जनता को सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
गज्ज खड्ड पर निर्माणाधीन पुल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने से नगरोटा सूरियां और ज्वाली के बीच संपर्क व्यवस्था में सुधार आएगा तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मोहिंदर धीमान, एसडीओ नरेंद्र राणा, जेई विजय, पूर्व बीडीसी सदस्य कैलाश भारती एवं उमेश धीमान, खबल पंचायत के पूर्व उपप्रधान अशोक कुमार, रामपाल धीमान, गोरख चंद, मनोज तथा हंसराज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

