350 करोड़ रुपये की मंजूरी से जगी उम्मीद, नूरपुर क्षेत्र को मिलेगा सिंचाई और पेयजल का लाभ

न्यूज इंडिया आजतक के संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन से बातचीत
नूरपुर: हिमाचल प्रदेश की बहुचर्चित फिना सिंह सिंचाई एवं जलविद्युत परियोजना को पूरा करने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय सत महाजन का ड्रीम प्रोजेक्ट थी। इसे पूरा करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना के निर्माण कार्य को गति देकर निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने ये बातें नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के जसूर में एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों को रवाना करने के बाद हुई भेंटवार्ता के दौरान कहीं।
अग्निहोत्री ने कहा कि स्वर्गीय सत महाजन ने नूरपुर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्हें सत महाजन के साथ काम करने का अवसर मिला और उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में सत महाजन को मिला सम्मान उनके राजनीतिक योगदान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला ने प्रदेश को कई बड़े नेता दिए हैं और किसी भी नेता को जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित करने में जनता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत वाली फिना सिंह परियोजना पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद यह लंबे समय से अधूरी पड़ी है। लगभग 12 वर्षों से लंबित इस परियोजना को वित्तीय संसाधनों की कमी सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि अब परियोजना के लिए 350 करोड़ रुपये मंजूर करवाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाना है, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके। हालांकि, परियोजना को पूरा करने की वास्तविक समयसीमा संबंधित विभाग की प्रगति, वित्तीय उपलब्धता और निर्माण संबंधी शेष कार्यों पर निर्भर करेगी।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि फिना सिंह परियोजना पूरी होने से नूरपुर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। कृषि पर निर्भर परिवारों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता खेती को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। परियोजना से संबंधित सिंचाई सुविधाओं का वास्तविक लाभ कितना होगा, यह निर्धारित कमांड क्षेत्र, नहरों के निर्माण और जल वितरण व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा। ऐसे में स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि सरकार परियोजना के शेष कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नियमित प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध करवाए।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग के माध्यम से सीवरेज संबंधी 42.50 करोड़ रुपये और पेयजल से जुड़े 35 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर कांग्रेस नेता अजय महाजन भी मौजूद रहे।
जसूर में इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
इससे पहले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जसूर स्थित एचआरटीसी वर्कशॉप में पांच इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों को पठानकोट डिपो में शामिल किया गया है। ये बसें पठानकोट से बैजनाथ, डाडा सीबा, गगरेट, हरिपुर-धर्मशाला और कुंडीहार रूटों पर संचालित की जाएंगी। उन्होंने एचआरटीसी वर्कशॉप जसूर के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी के बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, निगम में 1,000 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना है। इसके अतिरिक्त 200 हाइड्रोजन बसें और 250 डीजल बसें शामिल करने की भी योजना है। निगम में 300 चालकों और 300 परिचालकों की भर्ती किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
फिना सिंह परियोजना को लेकर अब क्षेत्र की निगाहें निर्माण कार्य की गति, स्वीकृत धनराशि के उपयोग और समयबद्ध कार्ययोजना पर टिकी हैं। स्वर्गीय सत महाजन के सपने को साकार करने का दावा तभी धरातल पर दिखाई देगा, जब परियोजना पूरी होकर किसानों और आम जनता तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचेगा।

