
पालमपुर। शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद निगम की टीम ने आवारा कुत्तों को पकड़कर शाहपुर क्षेत्र के धनोट स्थित शेल्टर में भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। नगर निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेषकर बाजारों, रिहायशी क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर झुंड में घूमते कुत्तों के कारण राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन चालकों के पीछे कुत्तों के दौड़ने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने शिकायतों के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में कार्रवाई शुरू की है।
निगम की ओर से पकड़े जा रहे कुत्तों को धनोट स्थित शेल्टर में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नसबंदी का उद्देश्य आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना है, जबकि टीकाकरण से रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान केवल उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजना नहीं है। इसके लिए नगर निगम को नसबंदी, टीकाकरण, नियमित निगरानी और पशु कल्याण से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुरूप लगातार अभियान चलाने की आवश्यकता होगी। साथ ही शहरवासियों से भी अपील की जा रही है कि वे आवारा कुत्तों के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ न करें और यदि किसी क्षेत्र में आक्रामक या बीमार कुत्ते दिखाई दें तो इसकी सूचना संबंधित नगर निगम अधिकारियों को दें।
नगर निगम की इस पहल के बाद अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि अभियान कितने क्षेत्रों तक पहुंचता है और इससे आवारा कुत्तों की समस्या पर कितना प्रभाव पड़ता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कार्रवाई को केवल शिकायत मिलने तक सीमित न रखकर पालमपुर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से अभियान चलाया जाए।

