ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन, 35 से 40 हजार आबादी को मिलेगा लाभ
न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन
नूरपुर। कंदरोड़ी रेलवे स्टेशन पर जम्मू मेल और हरिद्वार मेल के एक-एक मिनट के प्रायोगिक ठहराव की मांग को लेकर पंचायत चनौर के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों ने कहा कि दोनों ट्रेनों के ठहराव से हिमाचल प्रदेश की करीब 25 पंचायतों तथा पंजाब के पठानकोट क्षेत्र की छह पंचायतों की लगभग 35 से 40 हजार आबादी को सीधा लाभ मिल सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र के लोग हरिद्वार, प्रयागराज, गया सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के अलावा जम्मू और माता वैष्णो देवी के दर्शन, व्यापार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए रेल सेवा का उपयोग करते हैं। कंदरोड़ी स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को पठानकोट कैंट अथवा मुकेरियां रेलवे स्टेशन तक जाना पड़ता है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय और आर्थिक खर्च वहन करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार जम्मू मेल का कंदरोड़ी रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2006 तक ठहराव होता था। उस समय दिल्ली जाने के लिए द्वितीय श्रेणी शयनयान में तीन सीटों का कोटा भी उपलब्ध था। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्षों में क्षेत्र में भारतीय सेना की 9 एफओडी सहित विभिन्न सैन्य इकाइयों, औद्योगिक संस्थानों और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से यात्रियों की आवाजाही में भी वृद्धि हुई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंदरोड़ी रेलवे स्टेशन पर दोनों दिशाओं में पर्याप्त प्लेटफार्म पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में जम्मू मेल और हरिद्वार मेल का एक-एक मिनट का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार इससे स्थानीय निवासियों के साथ सैनिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और तीर्थयात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि दोनों ट्रेनों को कंदरोड़ी स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव दिया जाता है और यात्रियों की पर्याप्त संख्या सामने आती है, तो इससे रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है। उन्होंने प्रधानमंत्री से क्षेत्र की आवश्यकता और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जम्मू मेल तथा हरिद्वार मेल का कंदरोड़ी रेलवे स्टेशन पर एक-एक मिनट का प्रायोगिक ठहराव मंजूर करने की मांग की है।

