हालांकि, कांग्रेस की ओर से भाजपा द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संगड़ाह/सिरमौर। पंचायत समिति संगड़ाह एवं जिला परिषद चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार द्वारा सत्तारूढ़ दल पर लगाए गए धनबल के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जिला भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चुनाव परिणाम जनता की भावना का प्रतिबिंब हैं, न कि धनबल का प्रभाव।भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बयान “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली कहावत को चरितार्थ करता है। उनका दावा है कि अपने ही चुनाव क्षेत्र में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी नेतृत्व वास्तविक कारणों की समीक्षा करने के बजाय भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।
मेलाराम शर्मा ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति संगड़ाह के चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आठ सदस्यों को कथित रूप से डराकर और दबाव बनाकर लगभग तीन सप्ताह तक उनके घरों से दूर विभिन्न धार्मिक स्थलों, जिनमें वैष्णो देवी, ज्वालाजी और चिंतपूर्णी शामिल हैं, में रखा। वहीं उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थित सभी सात सदस्य पूरे समय अपने-अपने घरों में रहे और चुनाव तिथि का इंतजार करते रहे।जपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी पंचायत समिति संगड़ाह में सत्ता के दुरुपयोग और धनबल के सहारे अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष पद पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई थी।
मेलाराम शर्मा ने कहा कि भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अनिला कुमारी अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले एक साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की महिला हैं। ऐसे में कांग्रेस द्वारा उन पर धनबल के इस्तेमाल का आरोप पूरी तरह निराधार है।उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस द्वारा अपने साथ रखे गए सभी सदस्य लगातार भाजपा के संपर्क में थे और उन्होंने मतदान के माध्यम से दबाव का जवाब देने का भरोसा दिया था। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने सदस्यों को नौकरियों तथा राजनीतिक पदों का प्रलोभन भी दिया, लेकिन कोई भी सदस्य उनके प्रभाव में नहीं आया।
मेलाराम शर्मा ने कहा कि पंचायत समिति चुनाव के परिणाम कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत हैं। उनके अनुसार, स्थानीय निकाय चुनाव में मिली यह हार केवल एक “मिनी ट्रेलर” है, जबकि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी।

